नगर मेें बीते दिन हुए भारी उपद्रव के लिए जन संगठनों ने सीधे प्रशासन पर हमला बोला है। उन्होंने प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए जांच कराने की मांग की और दोषी प्रशासन व पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई है।
बार एसोसिएशन सभागार में गुरुवार को अधिवक्ताओं ने बैठक की। इसमें वकीलों ने कहा कि शहर का अमन चैन बिगाड़ने, लूट व आगजनी जैसी घटनाएं जिला व पुलिस प्रशासन की अदूरदर्शिता व अक्षमता का परिणाम हैं।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष माधवराज मिश्र, सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार मिश्र, वरिष्ठ अधिवक्ता गोकरननाथ पांडेय, रामकरन मिश्र आदि अधिवक्ताओं ने जिला व पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाया कि एकता तिराहे पर कृष्णा मार्केट में लूट व आगजनी होती रही, लेकिन प्रशासन के लोग खड़े देखते रहे।
अगर प्रशासन चाहता तो इस घटना को रोका जा सकता था। अब अपनी विफलता को छिपाने के लिए पूरे चौक को सील कर दिया है। इसके बाद अधिवक्ताओं ने मौन जुलूस निकाल कर आयुक्त मुरलीधर दूबे को ज्ञापन सौंपा और राज्यपाल व मुख्यमंत्री से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए अमन चैन फिर से बहाल कराने की मांग की।
उधर, परसपुर विकास मंच के अरुण कुमार सिंह, दिग्विजय सिंह आदि ने जिला प्रशासन की निंदा करते हुए लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की और जिनकी दुकानें जलाई गईं व लूटा गया, उन्हें मुआवजा देने की मांग उठाई। हिंदू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष शारदाकांत पांडेय, बब्बू दूबे, सुनील दुबे आदि ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा और
नुकसान की भरपाई के लिए 25-25 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है। केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट कल्याण एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि तीन मेडिकल स्टोरों पर लूटपाट कर उसे जला दिया गया, जिसमें करीब दस लाख रुपये की दवाएं नष्ट हो गईं और दुकान जलकर नष्ट हो गईं।
संगठन के अध्यक्ष राकेश सिंह, सत्यनाम प्रजापति, मनोज कैशवार आदि पदाधिकारियों ने व्यापारियों के जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई और मुआवजा की मांग की।
सपा के जिलाध्यक्ष महफूज खां व प्रवक्ता विवेक मणि श्रीवास्तव ने कहा कि यह घटना प्रशासन व पुलिस की लापरवाही का नतीजा है। जिला प्रवक्ता ने कहा कि विसर्जन जुलूस के साथ वह भी थे, जिसमें मात्र एक पुलिस कर्मी को लगाया गया था।
सपा जिलाध्यक्ष महफूज खां ने नुकसान की क्षति पूर्ति दिए जाने तथा दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों एवं उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के दीनानाथ तिवारी, सत्य नरायन तिवारी, सुरेश त्रिपाठी आदि ने सुभाष नगर कार्यालय पर बैठक कर घटना की निंदा की। आरोप लगाया कि प्रशासन की लापरवाही से ये घटना हुई है। पार्टी के नेताओं ने क्षति का आंकलन करवाकर मुआवजा देने की मांग की है।