मिड-डे मील में एनजीओ का हस्तक्षेप बंद करने समेत छह सूत्री मांगों को लेकर रसोइयों ने रविवार को शहर के गांधी पार्क में काला फीता बांधकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने शिक्षामंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा, जिसमें मिड-डे-मील एनजीओ के हवाले करने पर कर्मचारियों ने आर-पार की लड़ाई लड़ने का एलान किया है।
मिड-डे मील रसोइया कर्मचारी यूनियन की जिलाध्यक्ष विमला शुक्ला के नेतृत्व में रसोइया कर्मचारी शहर गांधी पार्क में एकत्र हुए। यहां कर्मचारियों ने सरकार के मिड-डे-मील को गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) को सौंपने के फै सले का विरोध करते हुए काला फीता बांधकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सीटू के राज्य कमेटी के सदस्य कामरेड कौशलेंद्र पांडेय ने कहा कि ब्लॉक से लेकर मुख्यालय तक के कर्मचारियों को एकजुट कर उनकी जायज मांगों को शासन तक पहुंचाया जाएगा।
स्कीम वर्कर्स यूनियन के मंडल संयोजक कामरेड दिलीप शुक्ल ने कहा कि अगर सरकार मिड-डे-मील को एनजीओ को सौंपने का फैसला वापस नहीं लेती है तो कर्मचारी आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे।
इसके बाद कर्मचारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट एके शुक्ल को मांग पत्र सौंपा। जिसमें रसोइयों का मानदेय 15 हजार रुपये करने, नवीनीकरण प्रक्रिया बंद कराने, रसोइयों का सामूहिक बीमा कराने आदि की मांग की गई है।
इस मौके पर प्रदर्शन में रामचंद्र मौर्य, आशादेवी, लालपता, शेरबहादुर, शिवकुमार, सावित्री देवी, उर्मिला सिंह, केशरी सिंह, अफसरा खातून, ननका, रेहाना, चंदा, शिवपता, उलमा, शिवपती आदि मौजूद रहीं।