बालपुर (गोंडा)। बालपुर-परसरपुर मार्ग से तुलसीपुर कृषि फार्म होते हुए मुख्यालय जाने वाली सड़क पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो गई है। बरसात की वजह से इसमें इस कदर जलभराव हो गया है कि निकलना दूभर हो गया है। मंगलवार को सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने सड़क जाम कर घंटों प्रदर्शन कर सड़क पर धान की रोपाई की और प्रदर्शन किया। ग्राम प्रधान के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए।
बता दें कि बालपुर से कृषिफार्म होते हुए गोंडा जाने वाली सड़क का निर्माण वर्ष 2002 में ग्रामीणों के काफी जद्दोजहद के बाद इसका निर्माण हुआ था, लेकिन सड़क बनाते समय मानकों को दरकिनार कर दिया गया। सड़क बनने के बाद से ही टूटने लगी। दो बार इस सड़क को गड्डा मुक्त भी किया गया, लेकिन सही मात्रा में तारकोल व मिट्टी नहीं लगाया गया, जिससे सड़क फिर टूट गयी। इस सड़क से हजारों की संख्या में हर दिन दो पहिया व चार पहिया वाहनों का संचालन होता है।
हड़ियागाड़ा चौराहे से लममुइया, धानी, ठकुरापुर, नरायनपुर मर्दन, दूरगोड़वा, तुलसीपुर, रेशम फार्म होते हुए जिला मुख्यालय जाती है, जिस पर इस समय पानी भरा हुआ है। लोग गिरकर चोटिल भी होते रहते हैं। मंगलवार को समाजसेवी व व्यापारी नेता सुधीर ओझा व हरिशंकर कोहली की अगुवाई में सैकड़ों लोगों ने घंटों सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। इसके बाद सड़क पर धान की रोपाई कर विरोध जताया। प्रदर्शनकारी सुशील चतुर्वेदी, अरुण कुमार, विवेक कुमार, माधव पाल, राजू, शिवमूर्ति, माताप्रसाद, लालचंद्र, उमा शंकर व चक्रधारी सहित अन्य सड़क मरम्मत कराने की मांग पर अड़े रहे। नरायनपुर मर्दन के प्रधान राम इंदर चौबे के आश्वासन पर प्रदर्शनकारी शांत हुए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री व जिला अधिकारी को पत्र भेजकर सड़क मरम्मत की मांग की है।