रूपईडीह (गोंडा)। ऑपरेशन कायाकल्प से 89 गांवों की परियोजनाएं फंस गई हैं। स्कूलों के कायाकल्प के साथ ही विकास का खाका खींचा जाना था और कार्य शुरू करना था। हर गांव में एक परियोजना का कार्य कराने का निर्देश था और दो करोड़ से अधिक के कार्यों का प्रस्ताव तैयार किया जाना था। पंचायतों ने प्रस्ताव तैयार किया और लागत का प्राक्कलन तैयार करने में अवर अभियंता की लापरवाही से परियोजनाएं फंस गई हैं।
जिला पंचायत के अभियंता ने खामियों को पकड़ा और प्रस्तावों की तकनीकी स्वीकृति देने से हाथ खड़े कर दिए। अभियंता ने प्रस्तावों को वापस कर दिया और कहा कि प्रस्तावों को तैयार करने में सही आगणन नहीं किया गया है। कई विसंगतियों की रिपोर्ट लिखते हुए तकनीकी स्वीकृति के लिए सही प्रस्ताव मांगा है। बताया जा रहा है कि ब्लॉक पर तैनात अवर अभियंता ने प्रस्तावों को ऐसे तैयार किया कि स्वीकृति मिल जाए तो बड़ा खेल हो सके और स्वीकृति न मिले तो कार्य ही शुरू न हो। मामले का खुलासा होने पर अब विभाग में लीपापोती की जा रही है। प्रस्तावों के आधार पर खर्च के लिए बजट तय करने में लापरवाही करने वाले अवर अभियंता के बचाव में अधिकारी दिख रहे हैं।
रुपईडीह की 89 ग्राम पंचायतें हैं जहां पर ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता वीरेंद्र सिंह ने राज्य वित्त और 14 वां वित्त योजना से कार्य कराने का प्रस्ताव तैयार करना है। अवर अभियंता ने प्रस्तावों को जिला पंचायत को स्वीकृत के लिए भेजा था। लेकिन इस्टीमेट में कमी होने से विकास योजनाएं फंस गई हैं। प्रस्ताव करने वाली पंचायतों की सांसें अटक गई हैं। अभियंता जिला पंचायत अभय सिंह ने प्रस्तावों की कमी पकड़ी है अैर प्रस्तावों को वापस ब्लॉक को भेजा है। सहायक विकास अधिकारी पंचायत ने वापस मिले प्रस्तावों को अवर अभियंता को ठीक करने के लिए भेजा है। तकनीकी स्वीकृति की जांच के दायरे में ग्राम पंचायत भवनियापुर उपाध्याय, निधिनगर, रुकमंगदपुर, जेठपुरवा, कोचवा, पिपरा बाजार, पडऱी पारासराय, गौंसिहा, सामुदायिक विकास केंद्र उसरैना, बनगाई, हरखापुर पंचायतों के प्रस्ताव आए हैं।
इस्टीमेट में सुधार का दिया निर्देश
जिला पंचायत के अभियंता का पत्र इस्टीमेट के साथ प्राप्त हुआ है। आपत्तियों को दूर करके इस्टीमेट में सुधार करने के लिए अवर अभियंता को पत्रावली भेजी है। -अशोक कुमार वर्मा, एडीओ पंचायत
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
ऑपरेशन कायाकल्प के कार्यों को प्राथमिकता से कराया जा रहा है। इस्टीमेट सही ही स्वीकृत होगा। इसमें लापरवाही मिली तो कार्रवाई कराई जाएगी। कार्यों को तेज करने का निर्देश दिया गया है। जिले के 700 से अधिक गांवों में कार्य चल रहे हैं। -घनश्याम सागर, डीपीआरओ