गोंडा। देवीपाटन जोन के जिलों में हर विद्युत वितरण खंड पर मानक से अधिक औसतन 1.40 लाख उपभोक्ताओं का भार है। ओवर लोड होने के कारण ही उपभोक्ताओं को अघोषित बिजली संकट की परेशानी से छुटकारा नहीं मिल पा रहा है। इस परेशानी से छुटकारा दिलवाने के लिए जोन के मुख्य अभियंता ने नए डिवीजन (खंड) बनाने पर प्रस्ताव तैयार किया है। इस पर स्वीकृति मिलने के बाद खंडवार विद्युत व्यवस्था में बेहतर सुधार होने की उम्मीद है।
जोन में सुचारू आपूर्ति के लिए कुल 10 डिवीजन में बांटा गया है। वर्तमान समय में 14 लाख से अधिक विद्युत उपभोक्ता हैं। पावर कार्पोरेशन के मानकों के अनुसार एक डिवीजन से 25 हजार उपभोक्ताओं के आपूर्ति मानक की व्यवस्था है। मगर करनैलगंज, मनकापुर, कैसरगंज, तुलसीपुर और श्रावस्ती समेत कई डिवीजन ऐसे हैं, जहां मानक से कई गुना अधिक उपभोक्ताओं की जिम्मेदारी है।
इसके बावजूद जोन के जिले मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के औसत के बराबर भी उपभोक्ताओं को बिजली बिल राहत योजना का लाभ नहीं दिला पा रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए मुख्य अभियंता स्तर से पूरे मामले की समीक्षा की गई है। इस दौरान डिवीजन बढ़ाने की जरूरत बताई जा रही है। इससे न सिर्फ जोन की बिजली व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि उपभोक्ताओं को भी बेहतर सुविधा मिल सकेगी। जोन के मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने बताया कि डिवीजन बढ़ाने के लिए प्रस्ताव दिया गया है। इससे विद्युत आपूर्ति, राजस्व समेत अन्य कार्यों को गति मिलेगी।
तय करनी पड़ रही 26 से 45 किमी तक की दूरी
जोन में 38 विद्युत उपकेंद्र हैं। इटियाथोक और धानेपुर विद्युत उपकेंद्र के उपभोक्ता अधिशासी अभियंता कार्यालय पहुंचने के लिए मनकापुर तक 26 से 45 किलोमीटर दूरी तय करनी पड़ती है। इसी तरह से सुभागपुर और खरगूपुर विद्युत उपकेंद्र के उपभोक्ताओं को 36 से 42 किलोमीटर दूरी तय करके करनैलगंज पहुंचना पड़ रहा है। तमाम प्रयासों के बावजूद जोन की विसंगतियों से अधिकारी पार नहीं पा रहे हैं।