गोंडा। यूपी बोर्ड की परीक्षा की मेरिट लिस्ट में नाम आने से मेधावियों के सपनों को पंख लग गए हैं। सफलता से उत्साहित मेधावी आईएएस की तैयारी करने के साथ ही इंजीनियर और डॉक्टर बनने का सपना संजोये हैं। उनका कहना है कि लक्ष्य तय करके एकाग्रता से पढ़ाई हो तो सफलता दूर नहीं है। मेधावी अब स्नातक की पढ़ाई के लिए विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए प्रयासरत हैं। मेधावियों का दावा है कि सफलता के सपने को पूरा करना है कि अनुशासन के साथ पढ़ाई करनी चाहिए। इसके अलावा गुरुजनों के विचारों को आत्मसात करना भी जरूरी है।
इंटरमीडिएट की परीक्षा में प्रदेश में आठवें स्थान हासिल करने वाली अवंतिका सिंह सिविल सेवा में जाएंगी। इसके लिए अवंतिका ने अभी संयुक्त विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा दी है और इंतजार है कि नामी विश्वविद्यालय में स्नातक में प्रवेश मिल जाए। एसबीएम गर्ल्स इंटर कॉलेज परसपुर से इंटर पास करने के लिए अवंतिका हर दिन चार किमी. साइकिल चलाकर स्कूल गईं। वह कहती हैं कि हर दिन पांच से छह घंटे की पढ़ाई से ये सफलता मिली है। उनके पिता बब्बन सिंह जनता इंटर कॉलेज कौड़िया में शिक्षक हैं और माता पूनम सिंह गांव के ही प्राइमरी स्कूल में शिक्षामित्र हैं। अवंतिका कहती हैं कि वह आईएएस बनना चाहती हैं। इसकी तैयारी के लिए उन्होंने ऑनलाइन जानकारी भी की है। कहा कि पढ़ाई के लिए स्वअनुशासन बहुत जरूरी हैं। पढ़ाई करने वाले छात्रों को संदेश दिया कि शिक्षा बढ़कर कुछ नहीं है। ऐसे में लक्ष्य तय करके पढ़ाई पर पूरा ध्यान दें। परिणाम से वह काफी गदगद हैं। अवंतिका के भाई अभिजीत प्रताप सिंह ने भी हाईस्कूल में 92.50 अंक हासिल कर सफलता प्राप्त की है। भाई-बहन की सफलता से पूरा परिवार खुश है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की इंटरमीडिएट परीक्षा में जिले के सेकेंड टॉपर संदीप कुमार गोस्वामी बने हैं। उन्हें 95 प्रतिशत अंक मिले हैं। करनैलगंज के रघुवर पुरवा कुंवरपुर अमरहा निवासी राजेश कुमार गोस्वामी के पुत्र संदीप नगर के श्री चित्रगुप्त इंटर काॅलेज से पढ़े हैं। वह डॉक्टर बनना चाहते हैं। साधारण किसान परिवार में जन्मे संदीप गोस्वामी को अपनी परीक्षा तैयारी से श्रेष्ठ प्रदर्शन की उम्मीद पहले से ही थी। उनका मानना है कि लक्ष्य निर्धारित कर की जाने वाली तैयारियों से कामयाबी अवश्य मिलती है। परीक्षा तैयारी के समय उन्होंने नियमित पढ़ाई के दौरान ऐसा ही किया। संदीप के पिता राजेश गोस्वामी किसान व माता गीता देवी गृहिणी हैं। बेटे की सफलता पर परिवार में खुशी का माहौल है।
इंटरमीडिएट परीक्षा में जिले की टॉप टेन सूची में तीसरा स्थान पाकर आरजू यादव ने परिवार की उम्मीदों को पूरा किया है। शहर के रोजवुड इंटर कॉलेज से इंटर करने के बाद अब वह बायो से स्नातक की पढ़ाई करेंगी। इसके साथ ही नीट की तैयारी कर एमबीबीएस करके डॉक्टर बनना चाहती हैं। हलधरमऊ के कस्तूरी गांव की रहने वाली आरजू के पिता अक्षय कुमार यादव गांव में निजी कार्य करते हैं। मां सरिता यादव गृहिणी हैं। आरजू कहती हैं कि वह पढ़ाई के लिए शहर में किराए पर कमरा लेकर रहती थीं। परिवार को काफी उम्मीदें हैं, जिन्हें वह पूरा करेंगी। बताया कि दिन में चार घंटे और रात में दो से तीन घंटे पढ़ाई कर सफलता हासिल की है। उनका कहना है कि लक्ष्य तय करके एकाग्रता से पढ़ाई हो तो सफलता निश्चित है।
करनैलगंज क्षेत्र में बालूगंज के रहने वाले योगेश सोनी के पुत्र लक्ष्य सोनी ने इंटर परीक्षा में जिले में चौथा स्थान हासिल किया है। लक्ष्य ने शुरू से ही करनैलगंज स्थित श्री चित्रगुप्त इंटर काॅलेज में पढ़ाई की है। लक्ष्य के पिता योगेश सोने-चांदी के आभूषण बनाने का काम करते हैं। माता शालिनी सोनी गृहिणी हैं। लक्ष्य ने बताया कि वे आईआईटी की तैयारी करके इंजीनियर बनना चाहते हैं। बताया कि बोर्ड परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने प्रतिदिन करीब दस घंटे पढ़ाई की। इस दौरान विषय वार लक्ष्य तय करके तैयारी की थी। जिससे सफलता आसान हो गई। उनका कहना है कि परीक्षा तैयारी के दौरान विद्यार्थी का दृष्टिकोण एकदम स्पष्ट होना चाहिए। साथ ही लक्ष्य को निर्धारित कर तैयारी करनी चाहिए। पढ़ाई के दौरान मोबाइल फोन का प्रयोग जरूरत के अनुसार ही किया। रोजाना साधारण खानपान रहा। रात में पानी पीने के बाद सोते थे। प्रात:काल उठकर पढ़ाई करते थे।
इटियाथोक के जगदीशपुर संपत गांव के सियाराम यादव टैक्सी ड्राइवर हैं। उनके बेटे ऋषि यादव ने सरस्वती विद्या मंदिर इटियाथोक से इंटर की परीक्षा पास कर जिले में चौथा स्थान हासिल किया है। परिजनों में खुशी का ठिकाना नहीं हैं। ऋषि यादव कहते हैं कि वह बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई करेंगे। इसके लिए उन्होंने प्रवेश परीक्षा दी है। कहा कि वह सिविल सेवा में जाना चाहते हैं, इसके लिए अभी से तैयारी भी करेंगे। कहा कि दृढ़ निश्चय हो तो अभाव का भी पढ़ाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने हमेशा गुरुजनों की बातों को ध्यान से सुना और उस पर अमल किया। उनकी मां चमेली गृहिणी हैं।
इटियाथोक के गांधी चबूतरा गांव के सत्येंद्र जायसवाल ने इंटरमीडिएट की परीक्षा पास कर जिले की टॉप टेन सूची में पांचवां स्थान हासिल किया है। सत्येंद्र ने सरस्वती विद्या मंदिर इटियाथोक से शिक्षा हासिल की है। उनके पिता गुुरु प्रसाद जायसवाल सेवानिवृत्त नलकूप चालक हैं और माता सावित्री गृहिणी हैं। सत्येंद्र कहते हैं कि बायो से स्नातक करेंगे और फिर नीट की तैयारी करेंगे। उनका लक्ष्य एमबीबीएस करके डॉक्टर बनना है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के समय लोगों को गंभीर और सकारात्मक रहना चाहिए। गुरुजनों की बात का ध्यान रखना चाहिए और उनके बताए रास्ते पर चलना चाहिए।