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नवंबर से बिजली का होने लगेगा उत्पादन

Thu, 24 Sep 2015 11:21 PM IST
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
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नवंबर में चीनी मिलों के चालू होते ही अकेले दो जिलों गोंडा व बलरामपुर में 250 मेगावाट बिजली का उत्पादन होने लगेगा। हाल में पावर कॉर्पोरेशन को 180 मेगावाट बिजली गोंडा व बलरामपुर में संचालित दो चीनी मिलों के अतिरिक्त कुंदुरखी व इटईमैदा चीनी मिल के इंडिपेंडेंट पावर प्लांटों से मिल रही है। इसमें नवंबर से 70 मेगावाट के इजाफे का अनुमान है। अगर ऐसा होता है तो मौजूदा समय जितनी बिजली मंडल के चार जिलों को चाहिए, उतने का उत्पादन होने से विद्युत की कोई समस्या मंडल के चार जिलों में नहीं रह जाएगी।
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गोंडा व बलरामपुर जिले से हाल फिलहाल पावर कॉर्पोरेशन 180 मेगावाट बिजली का आदान-प्रदान चीनी मिलों की मार्फत कर रहा है। इसमें 80 मेगावाट बिजली बजाज की कुंदुरखी स्थित चीनी मिल के इंडिपेंडेंट पावर प्लांट से मिल रही है तो वहीं 80 मेगावाट बिजली उतरौला स्थित इटईमैदा चीनी मिल के इंडिपेंडेंट पावर प्लांट से।

जबकि 10-10 मेगावाट बिजली का आदान प्रदान को-जेनरेशन के तहत बलरामपुर व मनकापुर चीनी मिलें पावर कॉर्पोरेशन को करती आ रही हैं।

पावर कॉर्पोरेशन के ट्रांसमिशन डिवीजन में कार्यरत उपखंड अधिकारी आरके त्रिपाठी की मानें तो नवंबर में चीनी मिलों के चालू होने से उन्हें बलरामपुर और मनकापुर चीनी मिलों से जो उन्हें 10-10 मेगावाट बिजली अभी मिल रही है, उसमें 15 से 20 मेगावाट बिजली के इजाफे के आसार हैं।
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इस तरह से उन्हें नवंबर तक कुल मिलाकर 250 मेगावाट बिजली चीनी मिलों के इंडिपेंडेंट पावर प्लांट के अतिरिक्त बलरामपुर व मनकापुर चीनी मिलों से मिलने लगेगी।

मौजूदा समय मंडल के चार जिलों गोंडा, बलरामपुर, बहराइच व श्रावस्ती जिले में कुल मिलाकर 250 मेगावाट बिजली की आपूर्ति कॉर्पोरेशन स्तर से लोगों के घरों में की जा रही है। इसमें 180 मेगावाट बिजली की आपूर्ति मौजूदा समय गोंडा व बलरामपुर में लगी चीनी मिलें कर रही हैं।

जबकि शेष बची 70 मेगावाट बिजली दर्शननगर, फैजाबाद से जिले में आने वाली 132 केवी हाईटेंशन लाइन से होती हैै। नवंबर में निजी स्रोतों से 250 मेगावाट बिजली का उत्पादन गोंडा व बलरामपुर जिलों में होने से जो बिजली दर्शननगर से इस समय ली जा रही है, उसकी भी कोई जरूरत नहीं रह जाएगी। बिजली में इजाफा होने से लोगों को राहत मिलेगी।

बजाज की कुंदुरखी और उतरौला की इटईमैदा चीनी मिल से इस समय उन्हें एकमुश्त 80-80 मेगावाट के लिहाज से 160 मेगावाट बिजली मिल रही है। जबकि 10-10 मेगावाट बिजली उन्हें मनकापुर व बलरामपुर चीनी मिलों से मिल रही है। इस तरह कुल मिलाकर 180 मेगावाट बिजली का उत्पादन तो दो जिलों में हो ही रहा है। नवंबर में जैसे ही चीनी मिलें चालू हो जाती हैं, इसमें 70 से 80 मेगावाट का और इजाफा हो जाएगा।
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