जनपद न्यायाधीश चंद्र मोहन दीक्षित ने डीएम अजय कुमार उपाध्याय व एसपी अनिल कुमार सिंह के साथ सोमवार को जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया। जिला जज व डीएम ने सबसे पहले जेल अधीक्षक से जेल में बंद महिला कैदियों तथा जेल चिकित्सालय में तैनात डॉक्टरों की सूची मांगी तथा सजायाफ्ता व अंडर ट्रायल वाले कैदियों को तत्काल अलग-अलग बैरकों में रखने के निर्देश दिए।
इसके बाद उन्होंने बैरक में पहुंचकर एक-एक महिला बंदी से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं तथा चाय, नाश्ता, भोजन व दवाओं के बारे में भी जानकारी ली। तदुपरांत उन्होंने लाहिड़ी जी के बलिदान स्थल का निरीक्षण कर पुरुष बंदी बैरकों का गहन निरीक्षण किया।
उन्होंने बैरक नंबर एक से 12 तक एक तरफ से निरीक्षण किया। जिला जज ने जेल प्रशासन व चिकित्सा अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि जेल में निरुद्ध किसी भी कैदी को खाना, चाय, नाश्ता तथा स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाय।
इस दौरान उन्होंने कई कैदियों से मिलकर उनके जेल में बंद होने का कारण तथा उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा। इसके बाद उन्होंने जेल की रसोइया, खाद्य सामग्रियों के भंडार, साग-सब्जी तथा रसोई में बनाए जा रहे भोजन का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान ज्ञात हुआ कि जेल में कुल 943 कैदी बंद हैं तथा इन कैदियों के सापेक्ष 41.5 किलो दाल, 115 किलो आलू व चौलाई की सब्जी बन रही थी। उन्होंने जेल प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी कि जेल में किसी भी कैदी के साथ भेदभाव पूर्ण रवैया न अपनाया जाय।
यदि किसी भी प्रकार की शिकायत पाई जाएगी तो संबंधित के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी। जेल में कई कैदियों ने जिला जज व जिलाधिकारी को अपनी-अपनी समस्याएं बताईं जिस पर उन्होंने उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अनिल कुमार पंचम, जेल अधीक्षक राम कुमार त्रिपाठी, जेलर अवनेंद्र नाथ त्रिपाठी समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।