कागजी आंकड़ों के साथ मुंह जुबानी गांवों के विकास की दुहाई देने वाले जिलास्तरीय अधिकारियों ने किस गांव को कितना चमकाया और यहां क्या-क्या काम किए। यह जानने के लिए अलग-अलग विभागों के चार प्रमुख सचिव 17 दिसंबर को चार समग्र गांवों का दौरा करेंगे।
गांवों की गलियों में घूमकर ग्रामीणों से सीधा संवाद कर सभी प्रमुख सचिव अपने स्तर से गांव के विकास की एक गोपनीय रिपोर्ट तैयार कर उसे मुख्य सचिव को देंगे, जिसके गुण-दोष के आधार पर 18 दिसंबर को मुख्य सचिव फैसले लेने के साथ ही जिले की कानून व्यवस्था व अन्य विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे।
वर्ष 2012-13 से लेकर 2014-15 तक जितने भी गांवों को समग्र घोषित कर उनका विकास किया गया है, उन सभी की मुख्य सचिव की बैठक में 18 दिसंबर को समीक्षा होगी।
जबकि इस समीक्षा से एक दिन पहले चार अलग-अलग विभागों के प्रमुख सचिव तीन साल में चयनित समग्र गांव, वहां के लिए स्वीकृत योजनाओं, पात्र व्यक्तियों की सूची के साथ ही सड़क, बिजली, पानी जैसी अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता समेत अन्य जानकारियों का पता लगाकर इसकी पूरी हिस्ट्री तैयार करेंगे।
18 दिसंबर को मुख्य सचिव न सिर्फ लोहिया समग्र गांवों की समीक्षा करेंगे, बल्कि कानून व्यवस्था से लेकर पीडब्ल्यूडी, ऊर्जा, ग्राम्य विकास, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, समाज कल्याण, कृषि विभाग, नगर विकास, अल्पसंख्यक कल्याण, खाद्य एवं रसद से जुड़े विभागों के अलावा जिले में अधूरे चल रहे निर्माण कार्यों की भी समीक्षा करेंगे।
18 दिसंबर को मुख्य सचिव की बैठक में जहां प्रमुख सचिव गृह व मुख्य सचिव के स्टाफ अफसर उनके साथ होंगे तो वहीं प्रमुख सचिव ऊर्जा, प्रमुख सचिव समाज कल्याण, प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी, प्रमुख सचिव राजस्व, प्रमुख सचिव कृषि व विकलांग कल्याण विभाग के सचिव अनिल सागर भी बैठक में हिस्सा लेंगे। जबकि बैठक में मंडलीय अधिकारियों के अलावा डीएम, एसएसपी/एसपी व सीडीओ मौजूद रहेंगे।
17 दिसंबर को गोंडा पहुंचकर प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास दीपक त्रिवेदी जहां समग्र गांव भगहर बुलंद का दौरा करेंगे, तो वहीं प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद फरेंदा कानूनगो गांव जाएंगे।
जबकि प्रमुख सचिव राजस्व हरिश्चन्द्रा मुंजेड़ गांव तो विकलांग कल्याण विभाग के सचिव व जिले के नोडल अधिकारी अनिल सागर सालपुर धौताल गांव जाकर वहां हुए विकास कार्यों की पूरी हिस्ट्री तैयार करेंगे।
18 दिसंबर को गोंडा पहुंचने के बाद मुख्य सचिव सुबह 10 से 12 बजे के बीच दो घंटे किसी एक गांव, विद्यालय, अस्पताल या फिर अन्य किसी स्थल का औचक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं व अव्यवस्थाओं का जायजा लेंगे।
जबकि दोपहर 12 से एक बजे के बीच वह जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनेंगे। वहीं दोपहर दो से चार बजे के बीच वह मंडल में चल रहे विकास कार्यों के अलावा अन्य विभागों की समीक्षा बैठक करेंगे।