प्रिंस शर्मा की फाइल फोटो व आरोपी करनदीप। स्रोत पुलिस
टिकरी/नवाबगंज। रामापुर डिहवा गांव निवासी प्रिंस शर्मा की मौत के मामले में पुलिस ने शुक्रवार सुबह मुख्य आरोपी करनदीप पाठक को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस के सामने वारदात से जुड़े कई राज उगले। पुलिस के अनुसार, प्रिंस की मौत वनरोज से बाइक टकराने से नहीं, बल्कि चलती स्काॅर्पियो में पिटाई के दौरान गिरने से हुई थी।
थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि 13 अगस्त को प्रिंस शर्मा का शव घर से कुछ दूरी पर चमनगंज चौराहे के पास सड़क पर मिला था। शव के ऊपर बाइक पड़ी थी। मृतक की मां पूनम शर्मा की तहरीर पर गांव निवासी कुलदीप पाठक और उसके नाबालिग भाई के खिलाफ गैर इरादतन हत्या समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
पुलिस के मुताबिक, विवेचना के दौरान घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर करनदीप पाठक की भूमिका सामने आई। करनदीप एफआईआर में आरोपी कुलदीप का बड़ा भाई है। शुक्रवार को उसे काजीपुर गांव से बस्ती जिले के हैदराबाद बाजार जाने वाले मार्ग से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घटना वाले दिन प्रिंस को स्काॅर्पियो में बैठाकर अयोध्या ले गया था। देर रात वहां से लौटते समय रास्ते में दोनों के बीच विवाद हो गया। इसके बाद स्काॅर्पियो में ही प्रिंस की पिटाई की गई। पुलिस के अनुसार, पिटाई के दौरान प्रिंस चलती स्काॅर्पियो से सड़क पर गिर गया। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने अपने छोटे भाई कुलदीप और नाबालिग भाई को फोन कर घटना की जानकारी दी। दोनों बाइक से मौके पर पहुंचे थे।
बाइक तोड़कर शव के ऊपर डाली
पुलिस का कहना है कि घटना को हादसा दिखाने के लिए आरोपियों ने बाइक में तोड़फोड़ की और उसे प्रिंस के शव के ऊपर डाल दिया। बाइक के एक पहिये के पास कुलदीप और दूसरी तरफ नाबालिग के लेटने की बात भी पूछताछ में सामने आई है। इसके बाद प्रिंस के परिजनों को वनरोज से बाइक टकराने के कारण मौत होने की झूठी सूचना दी गई। थानाध्यक्ष के अनुसार, मामले में नामजद दोनों आरोपियों के साथ ही उनके तीन अन्य मददगारों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है।