पार्वती अरगा पक्षी विहार में उड़ता प्रवासी पक्षी। स्रोत: पक्षी विहार
गोंडा। नव वर्ष के स्वागत को लेकर जिले में उत्साह और उमंग का माहौल है। धार्मिक स्थलों से लेकर प्रमुख पर्यटन केंद्रों में तैयारियां की गई हैं। मंदिरों में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए व्यवस्थाएं चाक-चौबंद की जा रही हैं। बाजारों और रेस्टोरेंटों में रौनक लौट आई है। रेस्टाेरेंट संचालकों ने अलग-अलग स्कीम तैयार की है।
खरगूपुर स्थित पृथ्वीनाथ मंदिर, शहर के प्रसिद्ध दुखहरणनाथ मंदिर, हनुमानगढ़ी और खैरा भवानी मंदिर में नववर्ष पर दर्शन-पूजन के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर मंदिर समितियां सतर्क हैं। यहां पूजन-अर्चन के साथ ही अन्य प्रबंध किए गए हैं।
मसकनवा संवाद के अनुसार, भगवान घनश्याम महाराज की जन्मस्थली स्वामी नारायण छपिया मंदिर में 16 जनवरी तक प्रतिदिन सुबह छह से सात बजे तक स्वामी नारायण धुन का आयोजन किया जा रहा है। मंदिर के कोठारी विष्णु स्वामी ने बताया कि खरमास के दौरान भगवान का स्मरण करने से कष्ट दूर होते हैं। प्रतिदिन सैकड़ों हरिभक्त, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे शामिल हैं, एक घंटे तक सामूहिक जाप कर रहे हैं। बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए बिस्किट, टॉफी, मोजे, कॉपी-किताब और पेंसिल जैसी सामग्री भी वितरित की जा रही है।
जिले का प्रमुख पर्यटन स्थल पार्वती–अरगा पक्षी विहार भी नव वर्ष के आगंतुकों के स्वागत के लिए तैयार है। जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर स्थित इस विहार में सर्दियों के मौसम में विदेशी पक्षियों का आगमन शुरू हो गया है, जिससे पर्यटकों का आकर्षण बढ़ा है। वन विभाग के अनुसार, नव वर्ष को देखते हुए सुरक्षा, स्वच्छता और पर्यटकों की सुविधा के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। गोंडा वृत्त के वन संरक्षक डॉ. एम सेम्मारन का कहना है कि पार्वती अरगा में नव वर्ष पर पर्यटकों को लेकर आवश्यक प्रबंध किए गए हैं।