गोंडा। रूस में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 11 जिले के करीब 250 युवाओं से करोड़ों रुपये ठगने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। गिरफ्तार तीन आरोपियों के बैंक खातों को फ्रीज कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है। वहीं, गिरोह के पांच और बदमाशों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
नगर कोतवाली में दर्ज एफआईआर की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने ठगी की रकम अलग-अलग बैंकों के खातों में जमा कर रखी है। विवेचना कर रही पुलिस टीम ने एचडीएफसी, इंडियन बैंक और यूनियन बैंक के कुछ खातों का विवरण जुटा लिया है। अब इन खातों को फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि रकम का लेन-देन रोका जा सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों ने रकम अपने परिजनों और परिचितों के खातों में भी ट्रांसफर की है। इसको देखते हुए बैंक प्रबंधन से परिवार के सदस्यों के खातों का ब्योरा भी मांगा गया है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि ठगी की रकम किन-किन खातों में भेजी गई और कहां खर्च की गई। विवेचक मनीष जाट ने बताया कि तीनों आरोपियों के बैंक खातों को फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उनके परिवार के सदस्यों के खातों का विवरण भी खंगाला जा रहा है।
गिरोह के सरगना विवेक कुमार उर्फ शमशाद खान को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। उसके बाद गोरखपुर से अमजद करीम और सुनील गुप्ता को भी पकड़ा गया था। पूछताछ में पता चला कि गोंडा-उतरौला मार्ग पर सब्जी मंडी के पास मल्टी इंटरनेशनल इमीग्रेशन काउंसिल नाम से कार्यालय खोलकर युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का शिकार बनाया जाता था।