गोंडा। सर्किट हाउस के सामने बन रहे मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए अच्छी खबर है। कॉलेज में सभी जरूरी मानकों को पूरा कर लेटर ऑफ परमीशन (एलओपी) के लिए आवेदन कर दिया गया है। अगले महीने तक राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) की टीम निरीक्षण करेगी। सब कुछ ठीक रहा तो सितंबर महीने से एमबीबीएस की 100 सीटों पर पढ़ाई शुरू हो जाएगी।
मेडिकल कॉलेज में पहले बैच की कक्षाएं संचालित करने के लिए जरूरी बिल्डिंग निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। 15 सीनियर रेजीडेंट के रूप में सभी विभागाध्यक्ष की नियुक्ति की गई है। 10 अन्य चिकित्सकों की नियुक्ति भी हो चुकी है। इसके अलावा जूनियर रेजीडेंट के तौर पर प्रशिक्षु चिकित्सक सेवा दे रहे हैं। ऐसे में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य का दावा है कि एलओपी के लिए जरूरी संसाधन, फैकल्टी व स्टॉफ की तैनाती हो चुकी है।
अभी भी चिकित्सकों के भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। आगामी पांच मई को नीट की परीक्षा है। जून के अंतिम सप्ताह तक परिणाम आ जाएगा। जुलाई व अगस्त में काउंसिलिंग प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। सितंबर से छात्रों की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। एमबीबीएस की 100 सीटों पर प्रवेश होना है, जिसमें 15 छात्र नेशनल काउंसिलिंग के जरिए तथा 85 छात्र स्टेट काउंसिलिंग के जरिए प्रवेश पाएंगे। प्रत्येक वर्ष की फीस अधिकतम 50,000 रुपये होगी।
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दूर होगी डॉक्टरों की कमी
जिले में डॉक्टरों की भारी कमी है। मेडिकल कॉलेज के अस्पताल व सीएमओ के अधीन सरकारी अस्पतालों में करीब 40 फीसदी डॉक्टरों के पद खाली हैं। मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई शुरू होते ही डॉक्टरों की कमी दूर हो जाएगी। प्रशिक्षु छात्र मरीजों के बेहतर इलाज में सहयोग करेंगे। जिससे अस्पताल की ओपीडी में मरीजों को लंबी लाइनें नहीं लगानी पड़ेंगी।
एलओपी के लिए तैयारी पूरी
प्राचार्य मेडिकल कॉलेज, डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने के अनुसार, मेडिकल कॉलेज में प्रथम सत्र की पढ़ाई के लिए जरूरी मानक पूरे कर लिए गए हैं। जल्द ही एनएमसी की टीम निरीक्षण करेगी। टीम की रिपोर्ट के बाद एलओपी मिल जाएगा। आगामी अगस्त-सितंबर तक पढ़ाई शुरू हो जाएगी।