अस्पताल में फर्श पर लेटी प्रसूता
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कहने के लिए तो स्वास्थ्य विभाग में प्रसूता महिलाओं को बेड पर लिटाकर उनका इलाज किया जाता है। लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनकापुर की कहानी कुछ उल्टी ही है। यहां कभी-कभार ही प्रसूता महिलाएं भर्ती होती हैं, जिनका ठीक तरह से उपचार करना तो दूर उन्हें लेटने के लिए एक अदद बेड तक नहीं मिल पाता। जिससे इन महिलाओं को अपना इलाज जमीन पर लेटकर ही कराना पड़ता है। इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।
रविवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनकापुर में डिलीवरी के लिए भर्ती एक महिला जमीन पर लेटी दिखाई दी। पूछने पर पता चला कि सिसईभीखपुर गांव की रहने वाली किस्मतुल को उसके घर वाले प्रसव पीड़ा होने पर यहां लेकर आए हैं। लेकिन अस्पताल में बेड की जगह उसे जमीन पर ही लिटा दिया गया।
जबकि अस्पताल में भर्ती इस महिला को मिलने वाली डाइट के सवाल पर उसके घर वाले और आशा बहू ने बताया कि अभी तक उसे सुबह से खाने के लिए कुछ नहीं मिला है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनकापुर में खाने की भी कोई व्यवस्था नहीं है।
वहीं, दूसरी ओर सीएचसी अधीक्षक डॉ. केएन गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में प्रसूता महिलाओं के लिए उनके पास सारी व्यवस्थाएं मौजूद हैं। बेड भी खाली पड़े हैं, ऐसे में अगर कोई प्रसूता महिला जमीन पर लेट जाए तो वह क्या कर सकते हैं। रही बात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में खाने की तो यहां डिलीवरी के ज्यादा केस नहीं आते हैं, इसलिए खाने की जगह भर्ती होने वाली महिलाओं को दूध, फल और ब्रेड इत्यादि दिया जाता है।