गोंडा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टीबी मुक्त भारत के सपने को साकार करने में अहम भूमिका निभाने वाले 17 ग्राम प्रधानों को शनिवार को जिला पंचायत सभागार में सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने प्रधानों को महात्मा गांधी की कांस्य प्रतिमा व प्रशस्तिपत्र प्रदान किया।
बेहतर देखरेख व पोषण के कारण क्षय रोग को हराकर स्वस्थ हुए मरीजों के गांवों का सर्वे कराया गया था। जिसमें क्षय रोग विभाग की ओर से जिले की 23 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित करने का प्रस्ताव दिया था। जिलाधिकारी ने तीन-तीन सदस्यीय चार टीमें गठित कर टीबी मुक्त दावे का सत्यापन कराया, तो छह ग्राम पंचायतें फेल हो गईं। 17 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित कर शासन को रिपोर्ट भेज दी गई।
शनिवार को वजीरगंज ब्लॉक के बभनी के प्रधान बृजनाथ सिंह, रसूलपुर के हामिद अली, चकपान की केवला देवी व मेहिया की ओमप्रकाश को सम्मानित किया गया। इसी प्रकार बेलसर ब्लॉक के मरगूबपुर की प्रधान रेखा पांडेय, रुपईडीह के हरिचंदपुर के प्रधान महेंद्र तिवारी, कमड़ावा की नीलम दुबे, मनकापुर के करनपुर राजा के प्रधान राजेंद्र यादव, झंझरी के भमैचा के प्रधान दिनेश शुक्ल, डड़वा दसपतिया की आकांक्षा मिश्रा, मुजेहना के शुक्ल पुरवा के प्रधान पवन कुमार, इटियाथोक के बरडाड़ के शकील खान, नवाबगंज ब्लाॅक के रामापुर के विक्रांत सिंह, मैनपुर के दुर्गा सिंह, पहली के रुद्र प्रताप, हलधरमऊ के भुलभुलिया की प्रधान रश्मि सिंह व पड़री कृपाल विकासखंड के सोनापार के प्रधान देवेंद्र दत्त पांडेय को सम्मानित किया गया। इस दौरान सीडीओ अंकिता जैन, सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. जय गोविंद, क्षयरोग उन्मूलन के समन्वयक विवेक शरण श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।