गोंडा। जिले में जहां घरेलू व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जरूरत के लिए एलपीजी गैस मिलना मुश्किल है। वहीं, स्मार्ट मीटर ने भी विद्युत उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है। देवीपाटन मंडल में 1.56 लाख से अधिक उपभोक्ताओं पर 28.53 करोड़ रुपये का निगेटिव बैलेंस हैं। ऐसे में बिजली गुल होने के बाद उपभोक्ता पावर हाउस का चक्कर लगा रहे हैं।
विद्युत उपभोक्ताओं की बिजली गुल होने के कारण रविवार को छुट्टी के दिन भी बड़गांव समेत विद्युत उपकेंद्रों के बिजली बिल जमा काउंटर खोले गए। बड़गांव विद्युत उपकेंद्र पहुंचे ददुआ बाजार के मकार्थीगंज के शिव कुमार ने बताया कि शनिवार सुबह नौ बजे बिजली अचानक गुल हो गई। घंटों इंतजार के बाद पावर हाउस पहुंचे तो पता चला कि 18 हजार रुपये निगेटिव बैलेंस के चलते बिजली गई है। ऐसे में किसी तरह से इंतजाम करके शाम चार बजे बिजली बिल जमा किया। मगर रातभर अंधेरे में ही रहने पर मजबूर होना पड़ा।
उन्होंने बताया कि रविवार सुबह 11 बजे दोबारा पावर हाउस पहुंचकर शिकायत दर्ज कराने के बाद विद्युत आपूर्ति शुरू हो सकी है। उनका कहना है कि बिल जमा करने के बाद भी उपभोक्ताओं को आपूर्ति के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। इसी तरह से जानकीनगर से पहुंचे पवन कुमार पांडेय ने बताया कि शनिवार सुबह 11 बजे आपूर्ति ठप हो गई। रविवार को बड़गांव विद्युत उपकेंद्र पहुंचकर बिजली बिल की जानकारी हासिल की है। अधिशासी अभियंता राम मोहन पांडेय ने बताया कि सभी निगेटिव बैलेंस वाले उपभोक्ताओं की बिजली कट गई है। ऐसे में उपभोक्ता अपना निगेटिव बैलेंस जमा करके आपूर्ति बहाल करा सकते हैं। उनका कहना है कि बिल भुगतान करने के बाद आपूर्ति बहाल की जाती है, देरी के कारणों की जानकारी ली जा रही है।
गोंडा में सबसे अधिक लगाए गए हैं स्मार्ट मीटर
देवीपाटन जोन के गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती को मिलाकर अब तक 1.71 लाख उपभोक्ताओं का इलेक्ट्रॉनिक मीटर हटा करके स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। गोंडा में सबसे अधिक लगभग 70 हजार स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। बहराइच में 51 और बलरामपुर व श्रावस्ती में 44 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। ऐसे में 1.56 लाख उपभोक्ताओं पर 28.53 करोड़ रुपये बकाया है।