सिविल लाइंस बिजली उपकेंद्र में खराबी दूर करते कर्मी। स्रोत: विभाग
गोंडा। 33 केवी लाइन से कौआ टकराने के कारण शनिवार सुबह सिविल लाइंस क्षेत्र के करीब चार हजार उपभोक्ताओं की बिजली पांच घंटे तक गुल रही। जेल रोड स्थित 220 केवी विद्युत उपकेंद्र के यार्ड में पोस्ट इंसुलेटर पंचर हो गया। इससे अंबेडकर चौराहे स्थित सिविल लाइंस विद्युत उपकेंद्र के सर्किट ब्रेकर की ट्रिपिंग कॉइल भी क्षतिग्रस्त हो गई। विभागीय टीम ने जांच और टेस्टिंग के बाद सुबह 11 बजे बिजली आपूर्ति बहाल की।
सुबह छह बजे बिजली गुल होने से पानी की किल्लत के साथ घरेलू कामकाज भी प्रभावित हुए। पितृ विसर्जन के दिन बिजली न रहने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। पंतनगर निवासी दीपांशु ने बताया कि बिजली कटने से पानी का संकट खड़ा हो गया। उपकेंद्र के कर्मचारियों से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन बात नहीं हो सकी। बनकटवा निवासी अतुल यादव ने भी आपूर्ति बहाल होने में देरी पर नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि उपकेंद्र के कर्मचारियों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
अवर अभियंता एसपी मिश्र ने बताया कि 33 केवी लाइन से कौआ टकराने से पोस्ट इंसुलेटर पंचर हो गया था। जांच और टेस्टिंग के बाद सुबह 11 बजे आपूर्ति बहाल करा दी गई।
15 दिन बाद भी 80 गांवों और मजरों में बिजली गुल
गोंडा। आंधी-बारिश के 15 दिन बाद भी कटरा बाजार और खरगूपुर क्षेत्र के करीब 80 गांवों और मजरों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। इससे ग्रामीणों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। कटरा संवाद के अनुसार, वनगांव, शहजोत, छिरास, जगदीशपुर बल्दी, गोडवा नसीरपुर, महादेवा और चुर्रामुर्रा समेत कई गांवों में अब भी बिजली आपूर्ति ठप है।
शहजोत निवासी मनोज यादव ने बताया कि 15 दिन बीतने के बाद भी बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं। अधीक्षण अभियंता सुशील कुमार यादव ने बताया कि आंधी-बारिश से करीब 80 गांव और मजरे अब भी प्रभावित हैं। संबंधित अवर अभियंताओं और उपखंड अधिकारियों को आपूर्ति बहाल कराने के निर्देश दिए गए हैं। कई स्थानों पर जलभराव और पोल लगाने में आ रही दिक्कतों के कारण काम प्रभावित हो रहा है। विभागीय अधिकारी आपसी समन्वय से बिजली आपूर्ति बहाल कराने में जुटे हैं।