रोस्टर के अनुसार आपूर्ति न मिलने से किसान परेशान
विद्युत कंट्रोल रूम के कर्मचारी दिग्विजय कुमार के अनुसार क्षेत्र को दिन में 12 से 4 बजे तक व शाम 7 से सुबह 5 बजे तक विद्युत की सप्लाई मिलनी चाहिए, जबकि मौजूदा समय शाम 7 बजे बिजली आ तो जाती है लेकिन कब तक रहेगी इसका कोई पता नहीं रहता। कभी 11 तो कभी 12 बजे बिजली गुल हो जाती है। उसके बाद 4 से 5 बजे के बीच पुन: सप्लाई बहाल की जाती है। किसी किसी दिन तो सुबह बिजली आती ही नहीं है।
यह समस्या ग्रामीण क्षेत्र की ही नहीं नगर क्षेत्र का भी यही हाल है। इसके बीच में अनेकों बार ट्रिपिंग होना तो आम बात है। सूखा ग्रस्त इलाका होने के कारण किसानों को अपने खेतों में गेहूं की बुआई करने लिए भी खाली पड़े खेतों की सिंचाई करनी पड़ रही है।
रात्रि के समय ठंढी के करण किसान सिंचाई नही कर पा रहे हैं। जब कि दिन में उन्हें समय से बिजली मिल ही नही पाती है। ऐसे में खेती का कार्य भी चौपट हो रहा है। लेकिन सब कुछ जान कर भी जिम्मेदार लोग आंख मूंदे बैठे हैं। उपखंड अधिकारी एसके शाहू कहते हैं कि बिजली बिल काफी बकाया पड़ा है। समय से उपभोक्ताओं द्वारा बिल नहीं जमा किया जा रहा है।
फिर भी 10 घंटे सप्लाई दी जा रही है, उन्होंने कहा कि दिन में 12 से 3 बजे तक व शाम 7 से रात्रि 1 बजे तक विद्युत सप्लाई दी जा रही है। सभी उपभोक्ता समय से बिजली बिल जमा करें तो सप्लाई में कोई बाधा न उत्पन्न हो। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के सभी स्ट्रांग रूम पर 24 घंटे सप्लाई दी जा रही है।