जिसके तहत मंडल के चारों जिलों में बन रहे 132 केवी के निर्माणाधीन बिजलीघरों से 33 केवी की नई लाइन खींचकर इन बिजलीघरों को बिजली के दो-दो श्रोतों से जोड़ा जाएगा। ताकि किन्हीं विषम परिस्थितियों में अगर एक लाइन खराब हो जाती है तो दूसरे से बिजली की आपूर्ति लगातार होती रहे। पावर कॉर्पोरेशन ने सिस्टम आगुमेंटेशन प्लान (एसएपी) में जिन बिजलीघरों का चयन ओवरलोडिंग खत्म करने के लिए किया है।
उसमें 190 लाख रुपये की लागत से बलरामपुर जिले में 33 केवी की 20 किलोमीटर लंबी लाइन का निर्माण हरिहरपुर बिजलीघर तक किए जाने, गोंडा में नवाबगंज से डुमरियाडीह तक 20 किलोमीटर नई लाइन खींचे जाने, नवाबगंज 132 केवी बिजलीघर से नवाबगंज 33 केवी बिजलीघर तक 5 किलोमीटर, गोंडा में ही 132 केवी करनैलगंज बिजलीघर से 33 केवी करनैलगंज बिजलीघर तक एक के लिए अलग-अलग दो लाइनें एक-एक किलोमीटर तो 132 केवी करनैलगंज बिजलीघर से ही भंभुवा बिजलीघर तक तीन किलोमीटर, बालपुर व कटरा बिजलीघर तक 20 किलोमीटर की नई लाइनें खींचे जाने की योजना तैयार की गई है।
वहीं बहराइच जिले में निर्माणाधीन 132 केवी पयागपुर बिजलीघर से आर्यनगर बिजलीघर तक 25 किलोमीटर, विश्वेश्वरगंज के लिए 500 मीटर लाइन खींचे जाने के साथ ही गोंडा मुख्यालय स्थित 220 केवी बिजलीघर से अम्बेडकर चौराहा बिजलीघर तक 3 किलोमीटर नई लाइन खींचे जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
वहीं एसएपी की इसी योजना में जेल रोड गोंडा स्थित 220 केवी बिजलीघर से ही बड़गांव, करनैलगंज 132 केवी बिजलीघर से कैसरगंज व जरवलरोड को 33 केवी की लाइन से जोड़ने के साथ ही श्रावस्ती जिले में 132 केवी भिनगा की लाइन से सीताद्वार व गिलौला बिजलीघरों को भी 49 किलोमीटर नई लाइन खींचकर जोड़ा जाएगा।
जिससे मंडल में बिजली की ओवरलोडिंग से जूझ रहे 8 बिजलीघर आगामी 10 वर्षों के लिए ओवरलोडिंग से मुक्त हो जाएंगे। एसएपी योजना में यह सारे काम 20 करोड़ रुपये की लागत से होंगे।