संविदा बिजली कर्मियों के रविवार को हड़ताल पर होने से इसका खामियाजा खोरहंसा, डुमरियाडीह व नवाबगंज से जुड़ी पांच लाख आबादी को 12 घंटे बिजली कटौती के रूप में भुगतना पड़ा। बिजली कर्मियों को समझाने के बाद दोपहर बाद उन्होंने आंदोलन वापस लिया, तब जाकर कहीं बिजली के टूटे हाईटेंशन लाइन के तार को ठीक कर बंद पड़े तीन सब स्टेशनों की बिजली बहाल कराई जा सकी।
तीन बिजली घरों के आक्रोशित संविदा कर्मियों ने चेतावनी दी है कि अगर 14 अक्तूबर की शाम चार बजे तक उन्हें मानदेय की चेक नहीं मिली तो वह फिर से कार्य बहिष्कार करेंगे।
220 केवी बिजली घर से नवाबगंज जाने वाली 33 केवी हाईटेंशन लाइन पर पावर कॉर्पोरेशन के तीन बिजली घर खोरहंसा, डुमरियाडीह व नवाबगंज पड़ते हैं। जहां काम करने के लिए अलग-अलग सब स्टेशनों पर कुल चार दर्जन संविदा बिजली कर्मियों की तैनाती हैं।
इन्हें चार महीने से मानदेय की चेक नहीं मिली है। इसे लेकर शनिवार को तीनों सब स्टेशनों के कर्मियों ने रविवार से हड़ताल पर जाने की चेतावनी पहले से ही दे रखी थी। इसी दौरान रविवार की सुबह चार बजे भगोहर गांव में 33 केवी हाईटेंशन लाइन का तार भी टूट गया, जिससे तीनों सब स्टेशनों की बिजली गुल हो गई।
इलाकाई लोगों ने जब इसकी सूचना सब स्टेशन पर तैनात संविदा बिजली कर्मियों को दी, तो काफी देर तक कोई भी बिजली कर्मी मौके पर टूट कर गिरे तारों को ठीक करने के लिए नहीं पहुंचा। इससे लोगों का गुस्सा बढ़ता गया और
उन्होंने पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों का फोन करना शुरू कर दिया। हालांकि दोपहर बाद इलाकाई उपखंड अधिकारी व बिजली कर्मचारी संघ के हस्तक्षेप से तीनों बिजलीघरों में कार्यरत संविदा बिजली कर्मी इस शर्त के साथ काम पर वापस लौट आए कि उन्हें 14 अक्तूबर की शाम 4 बजे तक उनके मानदेय की चेक दे दी जाएंगी। इसके बाद टूटे तार को ठीक किया गया। तब जाकर कहीं 12 घंटे बाद बंद पड़े तीन सबस्टेशनों की आपूर्ति बहाल हो पाई।
संविदा बिजली कर्मियों के मानदेय का भुगतान उन्हें जल्द करा दिया जाएगा। इसके लिए संविदाकार ठेकेदार को निर्देशित कर दिया गया है। पंचायत चुनाव और त्योहारों के मद्देनजर किसी भी इलाके की आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। अगर कहीं ऐसा होता है तो इसके दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -तीरथराम श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता गोंडा