मनकापुर-नवाबगंज मुख्य मार्ग पर बंदरहा गांव के मजरे चिरैया में हुई घटना का एक पहलू जहां दयाशंकर के परिवार की गरीबी से जुड़ा है तो दूसरा पावर कारपोरेशन की उस लापरवाही से, जिसका खामियाजा मंगलवार की तड़के दयाशंकर और उसके परिवार के तीन अन्य लोगों को अपनी जान देकर चुुकाना पड़ा।
पावर कारपोरेशन मैनुअल के मुताबिक कोई भी व्यक्ति अपने घर या दुकान का निर्माण एचटी लाइन के नीचे नहीं करा सकता लेकिन मंगलवार को जिस चिरैया गांव में बिजली से दुर्घटना हुई, वहां दर्जनों की संख्या में लोगों ने अपने घर व दुकान का निर्माण ठीक बिजली की एचटी लाइन के नीचे ही करा रखा है। पावर कारपोरेशन के अधिकारियों ने इस ओर देखना भी मुनासिब नहीं समझा। न ही लोगों को कोई नोटिस ही दिया।
साथ ही मनकापुर बिजलीघर से मूसेगंज को जाने वाली लाइन के जिन जर्जर तारों को बदलने का इस्टीमेट विभाग में पास हो चुका था, उसे भी नहीं बदला। मनकापुर के पूर्व विधायक रामविशुन आजाद का आरोप है कि विभागीय लापरवाही के चलते यह पूरी घटना हुई है। जिस लाइन से हादसा हुआ, उसके नवीनीकरण का इस्टीमेट वह काफी पहले ही विभाग से पास करा चुके हैं, काम न होने से यह घटना हुई है। वहीं देवीपाटन जोन के मुख्य अभियंता हर्ष मुंशी का कहना है कि वह पूरे मामले की जांच अपने स्तर से करवा रहे हैं। स्थानीय जेई व एसडीओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है।