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Gonda News: पोल्ट्री में निवेश की संभावनाएं अपार

Tue, 11 Aug 2026 11:04 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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कुक्कुट निवेश सम्मेलन में जानकारी देतीं मंडलायुक्त दुर्गा श​क्ति नागपाल व माैजूद लोग। स्रोत: सू
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गोंडा। प्रदेश में अंडे और पोल्ट्री मीट की मांग के मुकाबले उत्पादन कम है। इस अंतर को कुक्कुट कारोबार में निवेश के बड़े अवसर के रूप में देखा जा रहा है। मंगलवार को जिला पंचायत सभागार में आयोजित मंडल स्तरीय पोल्ट्री कॉन्क्लेव में उद्यमियों और किसानों को निवेश, बैंक ऋण, सब्सिडी और आधुनिक कुक्कुट पालन की जानकारी दी गई।
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कार्यक्रम का उद्घाटन मंडलायुक्त दुर्गाशक्ति नागपाल ने किया। उन्होंने कहा कि पोल्ट्री अब केवल पशुपालन तक सीमित नहीं, बल्कि रोजगार और आय का बड़ा माध्यम बन सकता है। उत्तर प्रदेश कुक्कुट पालन विकास नीति के तहत 1,500 करोड़ रुपये के निवेश और 1.25 लाख रोजगार सृजन का लक्ष्य है। परियोजना लागत का 70 प्रतिशत तक बैंक ऋण और ऋण पर पांच वर्ष तक सात प्रतिशत तक ब्याज में छूट का प्रावधान है। जमीन खरीदने या लीज पर लेने पर स्टांप ड्यूटी में शत-प्रतिशत छूट और पोल्ट्री इकाइयों को 10 वर्ष तक विद्युत शुल्क में पूरी छूट दी जा रही है। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने लोगों से पोल्ट्री में निवेश करने की अपील की है।
तकनीकी सत्र में कुक्कुट पोषण, आहार प्रबंधन, आधुनिक ब्रॉयलर व लेयर पालन, जैव सुरक्षा, सरकारी योजनाओं, बैंक ऋण और नाबार्ड की योजनाओं की जानकारी दी गई। सफल कुक्कुट उद्यमियों ने अनुभव साझा किए। बेहतर कार्य करने वाले उद्यमियों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में सीडीओ दयानंद प्रसाद, अपर निदेशक डॉ. अनिल कुमार, डॉ. मनीष सचान, डॉ. अरविंद कुमार, अग्रणी जिला प्रबंधक विनोद कुमार तिवारी और डॉ. शशि कुमार शर्मा समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
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मक्का उत्पादन का मिलेगा फायदा
मंडलायुक्त ने कहा कि गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती कृषि प्रधान जिले हैं। यहां पर्याप्त मक्का उत्पादन होता है, जो पोल्ट्री फीड का प्रमुख घटक है। स्थानीय स्तर पर फीड उपलब्ध होने से उत्पादन लागत घटाई जा सकती है। उन्होंने फीड मिल, हैचरी, ब्रॉयलर-लेयर फार्म, एग ग्रेडिंग, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, कोल्ड चेन, परिवहन और मार्केटिंग को एकसाथ विकसित करने पर जोर दिया। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

रोज 3.5 से 4.5 करोड़ अंडों की खपत
पशुपालन निदेशालय के उपनिदेशक कुक्कुट डॉ. बृजेश त्रिपाठी ने बताया कि प्रदेश में रोजाना करीब 3.5 से 4.5 करोड़ अंडों की खपत होती है, जबकि उत्पादन लगभग दो करोड़ अंडे प्रतिदिन है। मांग और उत्पादन के इस अंतर को कम करने के लिए कुक्कुट क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने अंडे को सस्ता और पौष्टिक प्रोटीन स्रोत बताते हुए उद्यमियों से आधुनिक तकनीक अपनाने की अपील की।

कुक्कुट निवेश सम्मेलन में जानकारी देतीं मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल व माैजूद लोग। स्रोत: सू

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