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Gonda News: पोल्ट्री फार्म संचालक को मारपीट कर जबरन पिलाया जहर, मौत

Tue, 20 May 2025 12:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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कौड़िया के जेठपुरवा प​श्चिम पुरवा में रोते-बिलखते श्याम सिंह के परिजन। - संवाद
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रुपईडीह/गोंडा। रास्ते के विवाद को लेकर सोमवार सुबह पोल्ट्री फार्म संचालक को पीटने के बाद जबरन जहर पिला दिया गया। परिजन उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जा रहे थे, लेकिन तब तक उनकी मौत हो गई। पिता की तहरीर पर गांव के ही चार लोगों के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है।
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कौड़िया बाजार के जेठपुरवा पश्चिम पुरवा निवासी तेज बहादुर सिंह ने पुलिस को बताया कि सोमवार सुबह उनके पुत्र श्याम सिंह उर्फ बबलू गांव से कुछ दूरी पर स्थित अपने पोल्ट्री फार्म में सो रहे थे। तभी उनकी पिटाई करने के बाद जबरन जहर पिला दिया गया। आरोपियों के वहां से जाने के बाद लड़खड़ाते हुए श्याम घर पहुंचे और परिजनों को आपबीती सुनाई। इस दौरान उनके मुंह से झाग निकल रहा था। श्याम को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज से लखनऊ रेफर कराया जा रहा था, लेकिन तब तक उनकी मौत हो गई।
मृतक के छोटे भाई रामनाथ सिंह ने बताया कि बीते 17 मई को गांव के ही कुछ लोग गांव के सार्वजनिक रास्ते को बंद कर रहे थे। श्याम समेत गांव के लोगों ने विरोध कर पुलिस बुला ली थी। इस मामले में पुलिस ने गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। आरोप लगाया कि इसी विवाद को लेकर उनके भाई की हत्या कर दी गई। इंस्पेक्टर अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि श्याम सिंह का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। कमल बहादुर समेत चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।
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इलाज के लिए भटकता रहा परिवार



मृतक के भाई रामनाथ ने बताया कि गंभीर हालत में भाई श्याम सिंह को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। यहां से उन्हें निजी अस्पताल में जाने की सलाह दी गई। इसके बाद वह शहर के निजी अस्पताल में ले गए। वहां से भी वापस किया गया तो दुखहरण स्थित एक अस्पताल पहुंचे। मगर उन्हें लखनऊ जाने की सलाह दी गई। वहां से फिर मेडिकल कॉलेज पहुंचकर रेफर करा ही रहे थे कि इसी बीच श्याम की मौत हो गई।
बेसुध हुईं पत्नी, रोती रहीं बेटियां


श्याम सिंह की मौत की खबर मिलते ही पत्नी सरिता सिंह बेसुध हो गईं। होश आया तो बोलीं... मेरी बेटियों व बच्चों को अनाथ कर दिया। परिजनों व रिश्तेदारों ने किसी तरह से संभाला तो सरिता फिर बेसुध हो गईं। पिता तेज बहादुर सिंह, मां पुष्पा भी गमगीन हैं। इसी तरह से रामनाथ समेत तीन भाइयों और बेटियां निधि, क्षमा, श्रद्धा और बेटे अंश का भी रो-रोकर बुरा हाल है।
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