शहर के सुभाषनगर मोहल्ले से लापता सगी बहनों को क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम रविवार देर रात इलाहाबाद से गोंडा ले आई है। यहां सगी बहनों का कोर्ट में बयान कराने की पुलिस ने तैयारी की है। मगर दस्तनदाजी की एफआईआर दर्ज न होने से पुलिस के लिए समस्या खड़ी हो गई है। इसके लिए विशेषज्ञों से सलाह ली जा रही है।
शहर के सुभाषनगर मोहल्ले से 30 नवंबर की रात दो सगी बहनें लापता हो गई थीं। इसी बीच सीतापुर के मानपुर थाना क्षेत्र में एक पुलिया के नीचे ट्राली बैग में दो युवतियों के कटे हुए सिर व लखनऊ के मड़ियांव थाना क्षेत्र में दो युवतियों के धड़ व पैर बरामद हुए थे।
इधर शवों की बरामदगी की सूचना पर दोनों सगी बहनों के परिवार वालों ने पांच दिसंबर को नगर कोतवाली में दोनों सगी बहनों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद दोनों सगी बहनों के दो भाई शवों की पहचान के लिए पहले सीतापुर और उसके बाद वहां से लखनऊ पहुंचे। दोनों ने शवों के कपड़ों से उनकी पहचान कर खुद की बहन बताया।
इसे ऑनर किलिंग की लाइन लेंथ पर तफ्तीश को आगे बढ़ाते हुए लखनऊ पुलिस गोंडा पहुंची। मगर गोंडा पुलिस ने सर्विलांस के जरिए दोनों की लोकेशन इलाहाबाद में होने की पुष्टि कर दी।
इसके बाद गोंडा की स्वाट टीम दोनों बहनों को उनके पतियों के साथ लेकर रविवार देर रात गोंडा पहुंची। अब दोनों सगी बहनों का कोर्ट में बयान होना है। मगर गुमशुदगी की रिपोर्ट पर कोर्ट में बयान नहीं हो सकता। ऐसे में पुलिस के लिए समस्या खड़ी हो गई है।
अब पुलिस के लिए दो ही रास्ते हैं, या तो मामले में दस्तनदाजी दर्ज करे या गुमशुदगी की पहले से दर्ज रिपोर्ट में उचित धाराओं को तरमीम करे, जिससे दोनों का कोर्ट में बयान कराया जा सके। पुलिस सगी बहनों का बयान कराने के लिए अब विशेषज्ञों से सलाह लेने में जुटी है।