गोंडा। नर्सिंग सहायक अंकित तिवारी के कत्ल के सातवें दिन भी तफ्तीश में जुटी पुलिस के हाथ खाली हैं। अंकित के परिजनों ने सुबूत मिटने की आशंका जताते हुए जल्द खुलासे की मांग की है। बुधवार को सीओ सिटी ने जीआरपी और एसओजी संग रेलवे सुबूत की तलाश में रेलवे ट्रैक खंगाला है।
मोतीगंज थाना क्षेत्र के अचलपुर गांव के रहने वाले अनिल तिवारी का बेटा नर्सिंग सहायक अंकित तिवारी (23) शहर के सर्कुलर रोड स्थित नारायण हास्पिटल एंड कैंसर रिसर्च सेंटर में काम करता था। 25 जनवरी की शाम हाॅस्पिटल में काम खत्म करके निकलने के बाद उसका कत्ल कर दिया गया।
अंकित के पिता ने नारायण हाॅस्पिटल के डाॅक्टर दीपक सिंह और उसके साथियों पर सिगरेट लाने से इनकार करने पर हत्या करने का आरोप लगाते हुए जीआरपी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पांच दिन बाद जीआरपी ने कोतवाली नगर पुलिस को मामला ट्रांसफर कर दिया। जीआरपी और कोतवाली पुलिस के हाथ कत्ल के सात दिन बाद भी खाली हैं।
सीओ सिटी विनय कुमार सिंह जीआरपी के प्रभारी कोतवाल और एसओजी के संग दोपहर को कोतवाली नगर के सतईपुरवा के गांव के पास रेलवे ट्रैक पर पहुंचे।
यहां अंकित के शव को ट्रैक पर फेंका गया था। सीओ ने बताया कि जांच में अंकित का शव रेलवे स्टेशन गोंडा के होम सिग्नल के बाहर पाया गया था। जो नगर कोतवाली क्षेत्र में ही है। इसलिए अब कोतवाली नगर पुलिस ही इसकी तफ्तीश करेगी। कोतवाल को सुबूत एकत्र करने के निर्देश दिए गए हैं।