गोंडा। आंधी-पानी से चरमराई बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होने से उपभोक्ताओं का आक्रोश अब विभागीय कार्यालयों तक पहुंच गया है। बृहस्पतिवार को 100 से अधिक लोगों ने मुख्य अभियंता कार्यालय में घुसकर अधिकारियों और कर्मचारियों से अभद्रता की। घटना के बाद पावर कॉर्पोरेशन ने बिजलीघरों और कार्यालयों की सुरक्षा के लिए प्रशासन से पुलिस बल की मांग की है।
मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने दो अक्तूबर को मंडलायुक्त को भेजे पत्र में घटना का उल्लेख किया है। उन्होंने बिजली व्यवस्था पूरी तरह बहाल होने तक विरोध-प्रदर्शन की आशंका जताते हुए डीआईजी, चारों जिलों के डीएम व एसपी समेत संबंधित अधिकारियों को बिजलीघरों और कार्यालयों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश देने का अनुरोध किया है।
मुख्य अभियंता के अनुसार, 24 से 27 सितंबर के बीच हुई अतिवृष्टि और तेज हवा चलने से देवीपाटन मंडल के चारों जिलों में पेड़ गिरने से 15 हजार से अधिक बिजली के पोल और लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं। करीब 500 वितरण ट्रांसफार्मर भी प्रभावित हुए हैं। 52 एजेंसियों के 2,145 निविदाकर्मी और विभागीय कर्मचारी मरम्मत कार्य में लगाए गए हैं। विभाग के अनुसार मंडल के 114 बिजलीघरों में से 111 चालू किए जा चुके हैं। 11 केवी और एलटी लाइनों की मरम्मत अभी जारी है।