गोंडा की जिन दो सगी बहनों की हत्या की आशंका जताई गई थी, वे दोनों जीवित हैं और उन्होंने शादी रचा ली है। गोंडा पुलिस की स्वाट टीम दोनों बहनों को इलाहाबाद से गोंडा ले आई है।
एसपी प्रदीप यादव ने बताया कि गोंडा शहर के एक मोहल्ले की रहने वाली दो सगी बहनें 30 नवंबर को घर से लापता हो गई थीं। उनके परिवारीजनों ने तलाश की, मगर वह नहीं मिलीं।
चार दिसंबर को सीतापुर के मानपुर थाना क्षेत्र में एक ट्राली बैग में दो युवतियों के कटे हुए सिर व लखनऊ के मड़ियांव थाना क्षेत्र में धड़ बरामद हुए।
इसकी पड़ताल के दौरान गोंडा शहर की रहने वाली दो बहनों के भाइयों ने वहां पहुंचकर दोनों शवों की पहचान अपनी बहन के रूप में की, मगर जिन्हें मरा हुआ समझा गया, वह जिंदा थीं।
एसपी ने बताया कि दोनों बहनों में बड़ी बहन का संबंध इलाहाबाद के दारागंज के रहने वाले श्याम सिंह से ढाई साल पहले कॉलेज का फॉर्म भरते हुआ था। इसी के बाद दोनों में मोहब्बत हुई और उन्होंने शादी कर ली।
एसपी के मुताबिक श्याम सिंह के मित्र मुट्ठीगंज के रहने वाले राहुल गुप्ता से छोटी बहन के संबंध हो गए। उन दोनों ने भी शादी रचा ली।
एसपी ने बताया कि श्याम व राहुल ने दोनों को मोबाइल उपलब्ध कराया, मगर बाद में उनके सिम बंद हो गए। दोनों नंबरों को सर्विलांस के जरिए तलाशा गया तो एक की लोकेशन इलाहाबाद के ही दारागंज तथा दूसरे की इलाहाबाद के मुट्ठीगंज में मिली।
इस पर स्वाट टीम के प्रभारी मनीष पांडेय को महिला पुलिस के साथ वहां भेजा गया। वहां पर दोनों घर से निकल गए थे, लेकिन घरवालों से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि दोनों बहनों ने शादी कर ली है और यहां रह रही हैं। पुलिस टीम दोनों को गोंडा ले आई।
शहर के सुभाष नगर मोहल्ले से लापता दोनों सगी बहनें कहां हैं, इसका पता लगाने के लिए गोंडा पुलिस को सर्विलांस का सहारा लेना पड़ा।
एएसपी रवींद्र कुमार सिंह, कोतवाल अभय प्रताप मल्ल व सर्विलांस सेल के ऑपरेटर राजू सिंह ने दोनों बहनों के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लिया तो संगीता की इलाहाबाद के झूंसी व लक्ष्मी की मुट्ठीगंज के ऊंचा नगर में लोकेशन मिली।