इसी तरह बनेगा प्लेज पार्क। स्रोत: सोशल मीडिया
गोंडा। जिले में पहला औद्योगिक क्षेत्र (प्लेज पार्क) विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। वहीं, औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने के साथ ही जिले में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इसके लिए सरकार की ओर से प्लेज पार्क विकसित करने वाले प्रवर्तक को सस्ते रेट पर लोन की व्यवस्था की गई है। वहीं, निवेशकों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
उद्योग उपायुक्त बाबू राम ने बताया कि जिले में पहले औद्योगिक पार्क को विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए जमीन के साथ ही प्रवर्तक की तलाश की जा रही है। विभाग के मानक के अनुसार, प्लेज पार्क बनाने वाले प्रवर्तक को जहां सर्किल रेट का 90 प्रतिशत या फिर प्रति एकड़ 50 लाख रुपये एक प्रतिशत ब्याज दिया जाएगा। इससे पार्क में औद्योगिक जरूरतों को पूरा किया जाएगा। साथ ही सुगमता से सभी औद्योगिक गतिविधियां संचालित की जा सकेंगी।
प्लेज पार्क विकसित करने के लिए न्यूनतम 10 एकड़ भूमि की उपलब्ध जरूरी होगा। अधिकतम 25 एकड़ भूमि में ही प्लेज पार्क विकसित करने का मानक निर्धारित किया गया है। यहां प्रत्येक एकड़ में एक-एक इकाई स्थापित हो सकेगी, ताकि निकट भविष्य में उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। कुल मिलाकर 24 घंटे निर्बाध बिजली की सुविधा होगी, 12 मीटर चौड़ी सड़क बनाई जाएगी। औद्योगिक गतिविधियों के लिए सुरक्षा से लेकर अन्य इंतजाम किया जाएगा। प्रवर्तक के पास ही प्लेज पार्क का मालिकाना हक रहेगा। वह अपने हिसाब से आवंटन व किराये पर भूखंड को दे सकेगा। उद्योग उपायुक्त के अनुसार पार्क को विकसित करने को लेकर बैठक की गई है।
प्लेज पार्क के लिए निर्धारित है मानक
अधिकारियों ने बताया कि प्लेज पार्क के लिए जहां मुख्य मार्ग के कनेक्टिविटी के साथ ही चौड़ी सड़क की आवश्यकता होगी। पार्क की आधारभूत संरचना के विकास व निर्माण के मानक के अनुरूप की जाएगी। इसके लिए परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट के साथ ही जिलाधिकारी की स्तर से निर्गत प्रवर्तक का चरित्र प्रमाणपत्र, भूमि के स्वामित्व संबंधी राजस्व अभिलेख, भू-उपयोग संबंधी अभिलेख, प्रस्तावित पार्क का ले-आउट प्लान और हर प्रकार के ऋण से मुक्त होने से संबंधी अभिलेख के साथ आवेदन किया जाएगा।