गोंडा। स्वास्थ्य विभाग के साथ ही जिला प्रशासन भी कोरोना की आशंकित तीसरी लहर से निपटने की तैयारियों मे जुट गया है। तीसरी लहर का सबसेेेेेेेेे अधिक प्रभाव बच्चों पर पड़ने की अशंका को देखते हुए जिले में जल्द ही पीडियाट्रिक आईसीयू बनाया जाएगा। विभागीय स्तर पर जिला महिला अस्पताल के साथ ही करनैलगंज व मनकापुर सामुदायिक स्वास्थ केंद्रो पर भी बच्चों के लिए पीआईसीयू बनाए जाना प्रस्तावित है।
शासन की तरफ से सभी मंडल मुख्यालयों के जिला अस्पतालों में पीडियाट्रिक आईसीयू (बच्चों के लिए खासतौर पर तैयार आईसीयू) स्थापित करने का निर्देश पहले ही दिया जा चुका है।
सीएमओ डॉ आरएस केसरी ने बताया कि कार्ययोजना के पहले चरण में महिला अस्पताल बच्चों के इलाज के में 50 बेड का पीआईसीयू बनाया जायेगा। वहीं दूसरे चरण में करनैंलगंज व मनकापुुर सामुदायिक स्वास्थ्य केेंद्रों पर पीडियाट्रिक आईसीयू बनाया जाना प्रस्तावित है। तथा तीसरे चरण में जिले के सभी भी सक्रिय स्वास्थ्य केंद्रों में पीआईसीयू स्थापित किया जाएगा।
जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. घनश्याम सिंह ने बताया कि शासन का पत्र आने के बाद इसकी तैयारियां तेज हो गयी है। इसके लिए जिले में बालरोग विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक टीम भी बनाई जाएगी जो पीडियाट्रिक आईसीयू की मानीटरिंग करेगी। जिला महिला अस्पताल में बच्चों के लिए आईसीयू बनाने के लिए क्या संसाधन चाहिए, इसकी जानकारी जुटाकर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।