टाउनहाल के बाहर डीएम को ज्ञापन देने पहुंचे व्यापारी। -संवाद
गोंडा। मसकनवां बाजार में ध्वस्तीकरण की आशंका से चिंतित व्यापारियों ने जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन को ज्ञापन देकर स्थलीय जांच और पुनर्वास की मांग की है। उनका कहना है कि कार्रवाई से करीब पांच हजार लोगों के सामने आवास और रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है।
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने गांधी पार्क में सरस मेले के निरीक्षण के दौरान डीएम को ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों के मुताबिक, मनकापुर-बभनान मार्ग (एनएच-727जी) स्थित बाजार में सैकड़ों परिवार दशकों से मकान और दुकान बनाकर रह रहे हैं। छोटे कारोबारियों की आजीविका भी इन्हीं दुकानों पर निर्भर है।
ज्ञापन के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिशासी अभियंता, अयोध्या ने 29 सितंबर को मुनादी कराकर आठ अक्तूबर तक निर्माण हटाने का निर्देश दिया था। व्यापारियों का दावा है कि आठ अक्तूबर को फुलवापुर, करमा और परसा में कई मकान-दुकान ध्वस्त किए गए। इससे मसकनवां के लोगों में भी चिंता बढ़ गई है। व्यापारियों ने राजस्व और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम से जांच कराने तथा वैकल्पिक आवास और पुनर्वास की व्यवस्था मांग की है। हामिद अली राइनी, भूपेंद्र प्रकाश आर्य, शिवकुमार सोनी, मिनाई अतीक अहमद, राजेंद्र सिंह और प्रिंस चौरसिया समेत अन्य व्यापारियों ने बताया कि डीएम ने जांच कर उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है।