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कंकरीले रास्ते फिर लेंगे श्रद्धालुओं का इम्तिहान

Mon, 07 Sep 2015 11:48 PM IST
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
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इन्हीं रास्तों से होकर लाखों भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। इस पर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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सैकड़ों वर्षों से आस्था का केंद्र पृथ्वीनाथ शिव मंदिर में हर वर्ष लाखों शिवभक्त करनैलगंज के कटरा घाट से सरयू नदी में स्नान के बाद कांवरिए जल भरकर पैदल मार्च करते हैं।

कजली तीज एवं महाशिवरात्रि पर कांवरियों की आवभगत में पूरा जिला शिवमय हो जाता है। करीब 64 किलोमीटर मार्ग तय कर इस बार भी करीब छह लाख कांवरियों का जत्था 16 सितंबर को पड़ने वाली कजली तीज या हरितालिका तीज पर जलभर कर पृथ्वीनाथ मंदिर पहुंचेंगे। इसको लेकर प्रशासन ने नौ सितंबर को बैठक बुलाई है।
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सरयू से जल भरकर दुखहरन नाथ मंदिर भी आते हैं कांवरिए
आस्था के केंद्र बने पृथ्वीनाथ व दुखहरन नाथ मंदिर में कांवरियों का जत्था जब उमड़ता है तो प्रशासन को इन्हें संभालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। सरयू से पृथ्वीनाथ मंदिर तक करीब 64 किलोमीटर तथा सरयू से गोंडा नगर के दुखहरन नाथ मंदिर तक करीब 32 किलोमीटर का रास्ता कांवरिए तय करते हैं। एक दिन पहले से गोंडा-लखनऊ मार्ग तथा करनैलगंज से आर्यनगर होते खरगूपुर मार्ग बंद हो जाता है।

तीन साल पहले स्वीकृत हुई थी सड़क
करनैलगंज से पृथ्वीनाथ शिव मंदिर के बीच कौड़ियाबाजार से आर्यनगर होते हुए गोकरन शिवाला, महराजगंज जाने वाली 22 किलोमीटर सड़क के निर्माण की स्वीकृति अब से तीन साल पहले पीएमजीएसवाई योजना के तहत मिली थी। केंद्र सरकार ने 65 करोड़ रुपये का बजट भी इस सड़क के लिए अवमुक्त किया था।

लेकिन निर्माण कार्य में लापरवाही के चलते इस सड़क का निर्माण तीन साल से अधर में लटका पड़ा है। सड़क निर्माण के लिए कौड़िया बाजार से आर्यनगर तक पूरी सड़क को ठेकेदारों ने खुदवा डाला है, जिससे सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। सड़क पर डाले गए बोल्डर जैसे-तैसे पड़े हैं।
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प्रशासन की बैठक कल
कजली तीज को सकुशल निपटाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। डीएम अजय कुमार उपाध्याय ने बताया कि नौ सितंबर को जिले भर के अधिकारियों व पुलिस अधिकारियों सहित अन्य की बैठक बुुलाई गई है। कहां पर बैरिकेडिंग होगी, कहां बूथ बनाए जाएंगे, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य टीमों के गठन तथा सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के उद्देश्य पर चर्चा की जाएगी।
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