गोंडा। जिले के विद्यालयों में पढ़ने वाले करीब 30 हजार विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति का रास्ता साफ हो गया। जिला कलेक्ट्रेट में सोमवार को बैठक के बाद आठ सदस्यीय कमेटी ने शत-प्रतिशत छात्रों को छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए संस्तुति की है। माना जा रहा है कि लगभग सभी छात्रों को छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति दी जाएगी।
जिलाधिकारी नेहा शर्मा की अध्यक्षता में बैठक को लेकर सभी सामान्य, एससी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समेत सभी विद्यार्थियों को शत-प्रतिशत छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति संस्तुति की निर्णय लिया गया। पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी गौरव स्वर्णकार ने बताया कि बैठक में समिति स्तर से विद्यालय के संस्तुति के आधार पर अनुमोदन किया जाएगा। सभी विद्यालयों को संदेहास्पद विद्यार्थियों को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। वहीं कई विद्यार्थियों के भाई-बहनों का आय प्रमाण पत्र होने से एनआईसी लखनऊ की ओर से संदेहास्पद कर दिया था। जिसके बाद करीब 30 हजार विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति फंस गई थी।
इन विद्यालयों के विद्यार्थियों की गलतियों की वजह से समाज कल्याण, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग से छात्रवृत्ति नहीं मिल पाएगी। बैठक के बाद विद्यालय संस्तुति व गाइडलाइन के अनुसार सभी पात्रों को छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए संस्तुति की जाएगी। इस दौरान सीडीओ एम. अरुन्मोली, प्रभारी डीआईओएस शैलेश पटेल, समाज कल्याण अधिकारी राजेश चौधरी और अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रमेशचंद्र समेत अन्य मौजूद रहे।