नवाबगंज के कटरा कुटी धाम पर परिक्रमार्थियों का स्वागत करते लोग। - संवाद
गोंडा। चौरासी कोसी परिक्रमा सोमवार सुबह मखधाम मखौड़ा से अंतिम पड़ाव कटरा कुटी धाम मंदिर पहुंची। जहां मंदिर के महंत स्वामी चिन्मयानंद दास ने परिक्रमार्थियों का स्वागत किया। मंदिर में परिक्रमार्थियों ने दोपहर में भोजन व विश्राम किया। इसके बाद शाम को अयोध्या के लिए रवाना हुए।
विहिप के पदाधिकारी सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में 23 अप्रैल को शुरू हुई चौरासी कोसी परिक्रमा बस्ती, अंबेडकरनगर, अयोध्या, बाराबंकी, गोंडा होते हुए सोमवार सुबह कटरा कुटी धाम मंदिर पहुंची। जहां मंदिर के महंत के नेतृत्व में हिंदू संगठनों के लोगों ने पुष्पवर्षा कर साधु-संतों व अन्य भक्तों का स्वागत किया। सायंकाल श्रीराम के जयकारों के साथ परिक्रमार्थियों का जत्था अयोध्या के लिए रवाना हुआ।
मंदिर के महंत ने बताया कि मंगलवार सुबह सरयू स्नान के बाद कारसेवक पुरम में विधिवत पूजन के बाद विशाल भंडारे के साथ परिक्रमा का समापन होगा। उन्होंने कहा कि चौरासी कोसी परिक्रमा का पौराणिक महत्व है। इस परिक्रमा को करने से मनुष्य को 84 लाख योनियों में भटकने से मुक्ति मिलती है। मोक्ष की प्राप्ति के लिए लोग हर साल चौरासी कोसी परिक्रमा करते हैं।