गोंडा। जिले के 2609 परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में इस शैक्षिक सत्र में कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थियों की निपुण परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा के बाद प्रत्येक छात्र-छात्रा का परिणाम अभिभावकों को उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि उन्हें यह जानकारी मिल सके कि उनका बच्चा किन विषयों में बेहतर है और किन क्षेत्रों में अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता है।
बेसिक शिक्षा विभाग ने नवंबर-दिसंबर में प्रस्तावित निपुण मूल्यांकन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके तहत भाषा, गणित, विज्ञान और पर्यावरण अध्ययन विषयों में बच्चों की दक्षता का आकलन किया जाएगा। मूल्यांकन के आधार पर विद्यार्थियों के सीखने के स्तर का विश्लेषण किया जाएगा और जिन विषयों में कमजोरी मिलेगी, वहां सुधार के लिए विशेष शैक्षणिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि जिन विद्यार्थियों के 75 प्रतिशत या उससे अधिक प्रश्न सही होंगे, उन्हें निपुण घोषित किया जाएगा। परीक्षा के बाद विद्यालय स्तर पर अभिभावकों के साथ बैठक कर परिणाम साझा किए जाएंगे तथा बच्चों की सीखने संबंधी कमियों पर चर्चा की जाएगी, ताकि घर और विद्यालय स्तर पर उनके सुधार के प्रयास किए जा सकें। अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी से बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा। वहीं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों और शिक्षकों को भी सम्मानित किया जाएगा।