माझाराठ गांव में नदी की जद में आए खेत से गन्ने की फसल काटता किसान व प्रदर्शन करते लोग। स्रोत: स
नवाबगंज। सरयू नदी का पानी घटने के साथ ही माझा क्षेत्र में कटान तेज हो गई है। माझा राठ में तीन सप्ताह से नदी की तेज धारा खेतों को काट रही है। इससे दर्जनों बीघे फसल नदी में समा चुकी है। किसान नाव से खेतों तक पहुंचकर अपनी बची फसल काटकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। रविवार को ग्रामीणों ने राहत सामग्री व नाव न मिलने पर आक्रोश जताते हुए प्रदर्शन किया।
नाव पर गन्ना लादकर लौट रहे किसान निरंकार, लल्ला व उमेश ने बताया कि खड़ी फसल लगातार नदी में समा रही है। अब इसे बेचना तो दूर, बचाना ही चुनौती है। बचाई जा रही फसल मवेशियों के चारे के काम आएगी। जगपाल यादव ने बताया कि कटान से कई किसानों की जमीन प्रभावित हुई है। बलवीर व राम सुंदर की 20-20, मोल्हे, राम तीरथ, राम बरन व राम सूरत की 15-15, जनार्दन, मस्तराम, कृपाराम, महावीर, मेवालाल व राम सजीवन की 10-10, हरिप्रसाद की पांच, जगलाल व प्यारे की आठ, रामजनक की सात, रामदेव की 19, भोला की छह, वासुदेव की 18, मजोरे की 13 व अमिरका की 12 बीघा जमीन कटकर नदी में समाहित हो चुकी है। किसानों का आरोप है कि इतनी क्षति होने के बावजूद कोई अधिकारी देखने तक नहीं पहुंचा। तहसीलदार आशुतोष पांडेय ने बताया कि प्रभावित गांवों की जांच कराकर किसानों को मदद दी जाएगी।
माझाराठ गांव में नदी की जद में आए खेत से गन्ने की फसल काटता किसान व प्रदर्शन करते लोग। स्रोत: स