सूबे में सत्ता परिवर्तन के साथ ही राजनीतिक उठापटक तेज हो गई है। इस उठापटक की पहली कड़ी में सपा शासनकाल में कैबिनेट मंत्री रहे विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह के दो परिजनों ने रविवार की देर रात तो एक ने सोमवार को ब्लाक प्रमुख के पद से इस्तीफा दे दिया।
तीनों ही लोगों ने इस्तीफे में व्यक्तिगत कारणों के चलते पद छोड़ने का हवाला दिया है। लेकिन अचानक बदले इस घटनाक्रम ने जिले का सियासी पारा बढ़ा दिया है। प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान हुए क्षेत्र पंचायत चुनाव में तत्कालीन कृषि मंत्री रहे विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह ने अपने पावर गेम के चलते तीन ब्लाकों की प्रमुख की कुर्सी पर अपनों को आसीन कर दिया था। पूर्व मंत्री ने पंडरीकृपाल ब्लाक में पूर्व मंत्री के सगे भाई नरेंद्र सिंह, झंझरी में भतीजे वतन सिंह व नवाबगंज में बहू बबिता सिंह को ब्लॉक प्रमुख बनाने में सफलता हासिल की थी।
नवाबगंज के चुनाव में तो पूर्व मंत्री पंडित सिंह व भाजपा सांसद बूजभूषण शरण ङ्क्षसह के समर्थक आमने सामने आ गए थे। उस समय पुलिस ने किसी तरह मामले को रफा दफा किया था। इस प्रकरण में पूर्व मंत्री पर सत्ता का दुरुपयोग कर चुनाव जीतने का आरोप लगा था। प्र्रदेश में सत्ता बदलने के बाद मंत्री की इस दबंगई के खिलाफ विपक्ष के हमले के कयास लगाए जाने लगे थेे।
इसका एहसास पूर्व मंत्री को भी था। इसी के चलते रविवार की देर शाम पंडरी कृपाल के ब्लाक प्रमुख नरेंद्र सिंह व नवाबगंज की ब्लॉक प्रमुख बबिता सिंह ने अपने अपने पदो से इस्तीफा दे दिया। वहीं झंझरी के ब्लॉक पमुख रहे पूर्व मंत्री के भतीजे वतन सिंह ने सोमवार को दोपहर बाद फैक्स के जरिए अपना इस्तीफा जिलाधिकारी को भेज दिया।
इस्तीफा देने वाले तीनों ही ब्लॉक प्रमुखों ने इसे व्यक्तिगत कारणों से दिया गया इस्तीफा बताया है लेकिन राजनीतिक जानकार इसे सत्ता परिवर्तन से ही जोड़कर देख रहे हैं। माना जा रहा है कि अचानक बदले इस घटनाक्रम के बाद जिले के सियासी पारे में आने वाले कुछ दिनों तक गर्मी देखने को मिल सकती है।