गोंडा। पंचायतीराज विभाग का ग्राम पंचायतों में एक ही छत के नीचे 200 से अधिक सेवाएं उपलब्ध कराने का दावा कागजी साबित हो रहा है। जमीनी तौर पर पंचायत भवनों पर तैनात पंचायत सहायक नियमित रूप से नहीं ठहर रहे हैं। जिले की 1192 ग्राम पंचायतों में 1145 पंचायत सहायकों की तैनाती है। इनमें से केवल 441 ने ही काम काज के दौरान ऑनलाइन अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। जबकि 674 सहायकों ने हाजिरी तक नहीं लगाई है।
ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करने वालों में भी अनुशासन की कमी उजागर हुई है। हाजिरी लगाने के बाद भी 222 पंचायत सहायक निर्धारित समय पर पंचायत भवन नहीं पहुंचे, केवल 244 सहायक ही समय से पंचायत में स्थिति ग्राम सचिवालय में उपस्थित पाए गए। विभागीय स्तर पर पंचायत सहायकों को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक पंचायत भवन में बैठकर आय, जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य पंचायत संबंधी कार्यों को निस्तारित करने का निर्देश है।
इसके बावजूद बड़ी संख्या में पंचायत सहायकों की अनुपस्थिति और ड्यूटी पर देरी से पहुंचने के कारण ग्रामीणों को मिलने वाली दो तरह की सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी लालजी दूबे ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि संबंधित पंचायत सचिवों और एडीओ पंचायत से जवाब तलब किया जाएगा। लापरवाही बरतने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।