गोंडा। प्रदेश संगठन के आह्वान पर ग्राम पंचायत और ग्राम विकास सचिवों ने सोमवार को ब्लॉकों में एडीओ पंचायत के पास डोंगल जमा करने का दावा किया है। साथ ही डिजिटल सिग्नेचर लगाकर पंचायतों में चल रहे कार्यों का भुगतान न करने का फैसला किया है। बाकी काम करते रहेंगे।
ग्राम पंचायत सचिव संघ के जिलाध्यक्ष यमुना प्रसाद का कहना है कि लंबे समय से सचिव अपनी मांगें रख रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। सचिवों को 100 रुपये साइकिल भत्ता दिया जा रहा है। मगर उनसे डिजिटल काम कराया जा रहा है।
ग्राम विकास सचिव संघ के जिलाध्यक्ष रमेश कनौजिया ने कहा कि डोंगल जमा किया गया है। उन्होंने दावा किया कि फॉर्मर रजिस्ट्री, एसआईआर, आयुष्मान भारत योजना का कार्ड तक बना रहे हैं। काम सचिवों से कराया जा रहा है। क्रेडिट संबंधित विभाग को मिल रहा है। यह ठीक नहीं है। उनकी मांगों को पूरा किया जाए।
प्रधान संघ ने अधिकारियों से हस्तक्षेप करने की मांग
प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष उमापति त्रिपाठी ने पंचायत चुनाव करीब होने का हवाला देते हुए अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि पिछले एक महीने से लगातार काम प्रभावित हो रहा है। पंचायतों में सचिवों की उपस्थिति अनिवार्य होनी चाहिए। अधिकारियों को हस्तक्षेप कर विवाद जल्द से जल्द सुलझाना चाहिए।
डोंगल जमा करने की नहीं हो कोई पूर्व सूचना
डोंगल जमा करने के लिए ग्राम सचिवों के संगठन की ओर से कोई अधिकारिक सूचना नहीं दी गई है। एडीओ पंचायत के माध्यम से डोंगल जमा करने की सूचना दी गई है। डोंगल काफी महत्वपूर्ण होता है, ऐसे में कोई अधिकारी अपने पास नहीं रखेगा। सचिवों को अपने पास ही डोंगल रखने के लिए कहा गया है।
-लालजी दूबे, डीपीआरओ
इसलिए शुरू हुआ विवाद
जिले में पंचायत भवनों में सचिवों की मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों ने डिजिटल हाजिरी के निर्देश दिए। डीएम के निर्देश पर रोस्टर भी जारी किया गया। डीपीआरओ लालजी दूबे ने हाजिरी लेनी शुरू की तो कई सचिव गैरहाजिर पाए गए। उनसे जवाब तलब किया गया। इसके बाद विवाद बढ़ गया।
तैनात हैं 205 ग्राम पंचायत व ग्राम विकास सचिव
जिले में कुल 205 ग्राम पंचायत व ग्राम विकास सचिव तैनात हैं। इसमें लगभग 125 पंचायतीराज विभाग के हैं। बाकी सभी ग्राम्य विकास के सचिव कार्यरत हैं। इनके माध्यम से 1,192 पंचायतों में विकास कार्य संचालित किए जा रहे हैं।
ग्राम पंचायत सचिवों का आंदोलन जारी
झंझरी के सचिवों ने आरोप लगाया कि बिना संसाधन उपलब्ध कराए उनके व्यक्तिगत मोबाइल और सिम से आनलाइन उपस्थिति दर्ज कराई जाती है। साथ ही अपने विभाग के अलावा अन्य विभागों का काम भी लिया जाता है। इसके विरोध में 13 सचिवों ने अपने डोंगल जमा कर दिए। इस दौरान लाल बहादुर सिंह, अरुण सिंह, मुकेश राव, खेमराज वर्मा, रोहित, जितेंद्र, दीपक श्रीवास्तव, अनुपमा, अपर्णा, अरुणिमा, कुसुम, शबाना परवीन सहित अन्य मौजूद रहीं।
तरबगंज संवाद के अनुसार, नरेंद्र कुमार, विनय कुमार, सौरभ पांडेय, संजय राम, सलमान खान, विवेक तिवारी आदि ने एडीओ पंचायत दुर्गा प्रसाद मिश्र को अपने डोंगल सौंप दिए।
इटियाथोक संवाद के अनुसार, मोहन कुमार मंगलम, देवेंद्र पांडेय, दिलीप उपाध्याय, हरिश्चंद्र शुक्ल, नववर्षांकुर नारायण शर्मा, संदीप कुमार, रामकुमार सिंह, मिथिलेश पांडेय, जाह्नवी तिवारी, अजीत तिवारी व शैलेंद्र मौर्य ने एडीओ पंचायत गिरजेश पटेल के पास अपने डोंगल जमा कर दिए।
माधोपुर संवाद के अनुसार, ग्राम विकास अधिकारी संघ के जिला महामंत्री राममूर्ति वर्मा ने बताया कि कटरा बाजार विकास खंड में तैनात कौशल किशोर, पंकज मौर्य, त्र्यंबक सिंह, पूजा भारती, विवेकानंद, हिमांशु वर्मा, अभिषेक पटेल समेत 10 सचिवों ने अपने डोंगल एडीओ पंचायत प्रीतम सिंह को सौंप दिए।
पसका संवाद के अनुसार, परसपुर के सचिवों सत्येंद्र सिंह, विजय प्रकाश सिंह, उर्मिलेंद्र तिवारी, वैभव तिवारी, मनीष त्रिपाठी, सत्यप्रकाश यादव, सुनील कुमार राम, जितेंद गुप्त, अमरजीत ने भी अपना-अपना डोंगल जमा कर दिया। इसी प्रकार से जिले के अन्य विकास खंडों में भी सचिवों ने अपने डोंगल जमा कर दिए।