गोंडा। गैर जमानती वारंटी को पकड़ने के बाद 15 हजार रुपये रिश्वत लेकर छोड़ने के आरोप में लाइन हाजिर किए गए दर्जीकुआं चौकी प्रभारी सुनील पाल सीओ सदर की जांच में दोषी पाए गए। सीओ की जांच रिपोर्ट पर एसपी विनीत जायसवाल ने सुनील पाल को निलंबित कर दिया है। विभागीय कार्रवाई की संस्तुति भी की है। वहीं, छपिया थाने के एक उपनिरीक्षक को रुपये मांगने के आरोप में लाइन हाजिर किया गया है।
एएसपी (पूर्वी) मनोज कुमार रावत को रविवार रात शिकायत मिली थी कि देहात कोतवाली क्षेत्र के दौलतपुर गांव निवासी गुलाम हैदर के खिलाफ न्यायालय से गैर जमानती वारंट जारी था। आरोप है कि दर्जीकुआं चौकी प्रभारी सुनील पाल उसे पकड़कर चौकी पर लाए और 15 हजार रुपये लेकर छोड़ दिया। सोमवार सुबह गुलाम हैदर का एक वीडियो सामने आया, जिसमें चौकी प्रभारी पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया। इसके बाद एसपी विनीत जायसवाल ने चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर करके मामले की जांच सीओ सदर को सौंप दी थी। सीओ सदर शिल्पा वर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में चौकी प्रभारी सुनील पाल दोषी पाए गए हैं। उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी ने सुनील पाल को निलंबित कर दिया है।
इसी बीच छपिया थाने के बीट नंबर एक के उपनिरीक्षक चुन्नू अहमद पर भी रुपये मांगने की शिकायत आईजी के भ्रष्टाचार निरोधी हेल्पलाइन नंबर पर दर्ज कराई गई। शिकायत के बाद एसपी ने उपनिरीक्षक चुन्नू अहमद को लाइन हाजिर कर दिया है। आईजी अमित पाठक ने बताया कि दर्जीकुआं चौकी प्रभारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है।