आईजीआरएस (इंटीग्रेटेड ग्रीवेंस रिड्रेसल सिस्टम) पोर्टल पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण के लिए आयुक्त कार्यालय में अलग से सेल गठित है, जहां पोर्टल पर आने वाली शिकायतों की चिह्नित किया जाता है। सितंबर माह की रिपोर्ट के अनुसार, आईजीआरएस पोर्टल पर कुल 75 शिकायतें को चिह्नित किया गया। इसमें कुल पांच दिन लगे। यानी औसतन दो घंटे से भी कम समय में हर शिकायत को उचित अधिकारी को भेजा गया। इस प्रक्रिया में मंडल को पूर्ण 10 अंक प्राप्त हुए। इसके साथ ही यहां निगरानी के लिए अलग से प्रक्रिया है। नोडल अधिकारी मंडलीय अधिकारियों की निस्तारण आख्या का सत्यापन करते हैं। इस प्रकार देवीपाटन मंडल ने 86 प्रतिशत से अधिक शिकायतों का निस्तारण किया।
अपर आयुक्त कमलेश चंद्र ने बताया कि यह सफलता पूरी टीम की ईमानदारी, पारदर्शिता और सामूहिक प्रयास का परिणाम है। पूरी टीम ने प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया, जिसका परिणाम हमें प्रदेश में प्रथम स्थान के रूप में मिला।
मंडलायुक्त शशिभूषण लाल सुशील ने बताया कि देवीपाटन मंडल की यह उपलब्धि प्रशासन की संवेदनशील और पारदर्शी कार्यशैली को दर्शाती है। जनता की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
लापरवाही पर हो चुकी है कार्रवाई
जुलाई में आईजीआरएस के माध्यम से प्राप्त शिकायत के निस्तारण में लापरवाही पर बहराइच के रिसिया बिजली उपकेंद्र पर तैनात अवर अभियंता (जेई) आलोक तिवारी को निलंबित कर दिया गया था। आयुक्त ने बताया कि भविष्य में कोई भी प्रकरण शिकायतकर्ता को संतुष्ट किए बिना निस्तारित न किया जाए। आख्या आयुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए। आख्या संतोषजनक पाए जाने के बाद ही पोर्टल पर अपलोड की जाए।