रुपईडीह। अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत मंगलवार को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में स्वास्थ्य जागरूकता गोष्ठी आयोजित की गई। मुख्य अतिथि खरगूपुर सीएचसी की अधीक्षक डॉ. श्वेता त्रिपाठी ने छात्राओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया।
उन्होंने कहा कि बेटियों को अपराजिता बनने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना जरूरी है। संतुलित खानपान और संयमित दिनचर्या से कई बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि छात्राएं समय-समय पर हीमोग्लोबिन की जांच कराएं। शरीर में आयरन की कमी से एनीमिया हो सकता है, जिससे शरीर और मस्तिष्क की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। हरी सब्जियां, फल और विटामिनयुक्त भोजन लेने के साथ फास्टफूड से दूर रहने की सलाह दी। मासिक धर्म के दौरान खानपान का विशेष ध्यान रखने को कहा।
कार्यक्रम में वार्डन सरिता सिंह, सचिव रमेश कुमार, ब्रजेश लता, वीना चौधरी, रिचा, शिवेंद्र प्रताप सिंह, सविता जायसवाल, श्रुति पटेल, रविनीश मिश्रा, जय कुमारी, प्रतिमा, सुशीला, अखिलेश और राजितराम मौजूद रहे।
छात्राओं के सवाल, विशेषज्ञ के जवाब
सवाल : खून की कमी दूर करने के लिए क्या करें? - अनंता, कक्षा आठ
जवाब : हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, चना, गुड़ और आयरनयुक्त खाद्य पदार्थ खाएं। विटामिन सी युक्त फल लेने से आयरन के अवशोषण में मदद मिलती है। खून की कमी के लक्षण दिखने पर जांच कराकर डॉक्टर की सलाह लें।
सवाल : फास्टफूड खाने से किस तरह की समस्या होती है? - पूनम, कक्षा आठ
जवाब : फास्टफूड में अक्सर नमक, चीनी और अस्वस्थ वसा अधिक होता है। इसके नियमित सेवन से मोटापा, पाचन संबंधी समस्याएं और पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। घर का ताजा और संतुलित भोजन बेहतर विकल्प है।
सवाल : सर्वाइकल कैंसर से कैसे बचाव करें? - शिक्षा, कक्षा सात
जवाब : एचपीवी टीकाकरण सर्वाइकल कैंसर से बचाव का महत्वपूर्ण उपाय है। टीका लगवाने की सही उम्र और समय के लिए स्वास्थ्यकर्मी से सलाह लें। आगे चलकर नियमित स्क्रीनिंग भी जरूरी है।
सवाल : मौसम जनित बीमारियों से बचाव के लिए क्या करें? - मुस्कान, कक्षा सात
जवाब : साफ पानी पिएं, ताजा भोजन करें, हाथों की सफाई रखें और मच्छरों से बचाव करें। बुखार या अन्य लक्षण होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
सवाल : मानसिक तनाव दूर करने के लिए क्या करें? - दिव्या, कक्षा छह
जवाब : नियमित दिनचर्या अपनाएं, पर्याप्त नींद लें, खेलकूद और योग के लिए समय निकालें। परेशानी होने पर माता-पिता, शिक्षक या भरोसेमंद व्यक्ति से बात करें।