गोंडा। उत्तर प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक की गोंडा शाखा में हुए 21.47 करोड़ रुपये के घोटाले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस टीम ने सोमवार देर रात परसपुर के मरचौर निवासी आरोपी मोहम्मद असलम को लखनऊ के जानकीपुरम से गिरफ्तार कर लिया। 10 अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम लगाई गई है।
नगर कोतवाली के निरीक्षक अपराध एवं विवेचक सभाजीत सिंह ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार निगरानी की जा रही थी। जैसे ही उसके लखनऊ में होने की पुख्ता जानकारी मिली, नगर कोतवाली पुलिस ने तत्काल टीम गठित कर दबिश दी और उसे पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को गोंडा लाकर पूछताछ की जा रही है।
विवेचना के दौरान सामने आया कि घोटाले की रकम में से 1.77 करोड़ रुपये आरोपी असलम के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसने इस रकम का किस तरह इस्तेमाल किया और किन-किन लोगों को आगे ट्रांसफर किया।
इस मामले में अब तक पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इससे पहले मुख्य आरोपी और तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल निवासी अयोध्या, रामघवराम निवासी बहलोलपुर, कोतवाली देहात, शिवाकांत शर्मा निवासी इमिलिया गुरुदयाल और उसकी पत्नी गीता देवी को गिरफ्तार किया जा चुका है। मुख्य आरोपी पवन पाल की मां सुमित्रा की जांच के दौरान मौत हो चुकी है।
ऐसे हुआ था करोड़ों का घोटाला
चार्टर्ड अकाउंटेंट की अंतरिम ऑडिट रिपोर्ट में इस घोटाले का खुलासा हुआ था। रिपोर्ट के मुताबिक, शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल ने बैंक के अन्य कर्मचारियों और बाहरी लोगों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से फर्जीवाड़ा किया। पाया गया कि बिना पात्रता और जरूरी दस्तावेजों के बड़े पैमाने पर ऋण स्वीकृत किए गए। फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल कर रकम निकाली गई। खुद, अपने परिजनों और करीबी लोगों के नाम पर लोन पास किए गए। इस तरह से कुल 21.47 करोड़ रुपये का गबन किया गया। इसके अलावा 205 खाताधारकों और पांच आंतरिक खातों से 46.13 लाख रुपये की अतिरिक्त अनियमितता भी सामने आई। इस मामले में जनवरी में बैंक के सहायक महाप्रबंधक भुवन चंद्र सती सहित अन्य की तहरीर पर नगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई थी।