बिजली की जिस ट्रांसमिशन लाइन का काम वर्ष 2007 में पूरा हो जाना चाहिए था, उसका काम खत्म करने में पावर कॉर्पोरेशन के पारेषण खंड विभाग ने 10 साल लगा दिए। अब हालत यह है कि बस्ती से गोंडा के बीच ट्रांसमिशन लाइन का नेटवर्क पूरी तरह से बनकर तैयार है, लेकिन उसे चालू करने के लिए विद्युत लाइन का शट डाउन ही नहीं मिल रहा है।
इससे एक तो मंडल के चार जिलों में न तो लो-वोल्टेज की समस्या दूर हो पा रही है और न ही देवीपाटन मंडल को बिजली के दूसरे विकल्प का कोई लाभ मिल पा रहा है। ऐसे में अगर सुल्तानपुर से गोंडा 220 केवी कंट्रोल रूम को किन्हीं कारणों से बिजली मिलना बंद हो जाए तो इससे संचालित चार जिलों की बत्ती किसी भी वक्त गुल हो सकती है।
देवीपाटन मंडल के चार जिलों में मौजूदा वक्त जेल रोड स्थित 220 केवी कंट्रोल रूम गोंडा से बिजली की आपूर्ति होती है। यह बिजली सुल्तानपुर स्थित 400 केवीए से आती है। इसकी आपूर्ति गोंडा से ही 132 केवीए लाइनों के मार्फत बहराइच, बलरामपुर व मनकापुर के अलावा नेपाल तक होती है। सुल्तानपुर की लाइन अगर किन्हीं कारणों से खराब हो जाए तो मंडल के चार जिले किसी भी समय अंधेरे में डूब सकते हैं।
इसके लिए वर्ष 2005-06 में पावर कॉर्पोरेशन के पारेषण खंड विभाग ने पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन के तहत बस्ती से गोंडा तक 105 किलोमीटर दूरी में ट्रांसमिशन लाइन का जाल बिछाकर इस लाइन को चालू कराने की योजना को मंजूरी दी थी। पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन में पास हुए इस प्रपोजल की कुल लागत उस समय 15 करोड़ रुपये थी।
इसके तहत कोलकाता की फर्म स्टील प्रोडक्ट को डेढ़ साल में लाइन का काम पूरा करना था, लेकिन फर्म ने इस काम को पूरा करने में 10 साल बिता दिए। अब काम तो जैसे-तैसे पूरा हो गया, मगर अब पारेषण खंड विभाग के सामने इस लाइन को चार्ज किए जाने का एक संकट खड़ा हो गया है।
बताया जाता है कि इस लाइन को चालू करने के लिए पारेषण खंड विभाग को दिल्ली में एनआरएलडीसी (नार्दन रीजन लोड डिस्पैच सेंटर) से 6 घंटे का शट डाउन लेना पड़ेगा। इसके लिए पारेषण खंड विभाग के अधिकारी दो महीने से अपने विभाग के अधिकारियों के साथ ही एनआरएलडीसी से पत्राचार कर शट डाउन का समय निश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
लाइन का काम पूरा कराने में बेशक कंपनी ने काफी देर की है, लेकिन अब उनके सामने सबसे बड़ी समस्या इस लाइन को चालू करने की है। क्योंकि 220 केवी बस्ती से आने वाली लाइन को चालू करने के लिए पूरे गोरखपुर और यहां तक कि एनटीपीसी टांडा की बिजली उन्हें छह घंटे के लिए बंद करवानी पड़ेगी, तब जाकर लाइन चालू होगी। इसके लिए उच्चाधिकारियों से पत्राचार के जरिए निर्देशन मांगे जा रहे हैं। क्योंकि लाइन चालू करने के लिए यह शटडाउन उन्हें दिल्ली से लेना है। -रविप्रकाश दुबे, अधीक्षण अभियंता पारेषण खंड विभाग
बस्ती की लाइन चालू करने में शट डाउन की दिक्कतें आड़े आ रही हैं। क्योंकि यह लाइन तभी चालू हो सकती है, जब केंद्र सरकार की दो एजेंसियां एनडीसी व एनआरएलडीसी इसके लिए शट डाउन की स्वीकृति दे दें। स्थानीय स्तर पर पावर कॉर्पोरेशन के वितरण, पारेषण व विद्युत सुरक्षा विभाग के अधिकारियों से इसके लिए समय निश्चित करने की मांग की जा रही है। उम्मीद है कि अगले हफ्ते नहीं तो इस महीने बस्ती की लाइन हर हाल में चालू कर दी जाएगी -हर्ष मुंशी, मुख्य अभियंता, देवीपाटन जोन