गोंडा। कोरोना संक्रमण के नए मामले में लगातार कमी आ रही है, वहीं हर रोज कोरोना से मरने वालों की तादात में भी कमी आई है। रविवार को कोरोना संक्रमण से पीड़ित एक व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई तथा 10 लोग संक्रमित पाए गए।
कोरोना संक्रमण के प्रकोप से जिले में कुछ राहत जरुर मिली है, लेकिन इससे बेफिक्र होकर कोरोना प्रोटोकॉल में ढिलाई घातक हो सकती है। रविवार को आई रिपोर्ट के अनुसार एक व्यक्ति की कोरोना संक्रमण की वजह से इलाज के दौरान मौत हो गई तथा 10 लोग संक्रमित पाए गए।
गंभीर संक्रमितों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं अन्य को चिकित्सकीय देख-रेख में होम आइसोलेशन में रहने के निर्देश दिए गए हैं। रविवार को ही अस्पतालों में भर्ती व होम आइसोलेशन से 54 मरीज ठीक हुए हैं।
कोरोना संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए टीकाकरण अभियान पर जोर दिया जा रहा है। रविवार को बुजुर्गों व दिव्यांग व्यक्तियों के लिए शहर के पांच स्थानों पर कैंप लगाकर उन्हें कोरोना रोधी टीके की डोज दिया गया।
बुजुर्गों के लिए शहर के गुरुनानक चौराहे पर जलकल विभाग के परिसर मे, पटेल नगर में मोहनलाल स्कूल के पास, रानी बाजार में राम जानकी धर्मशाला में, जिगरगंज नगर पालिका परिषद कार्यालय के पास तथा शास्त्री नगर में छावनी मस्जिद के पास कैंप लगाए गये हैं।
बुजुर्गों के सुविधा के लिए फोन पर रजिस्ट्रेशन कराने या तुरंत रजिस्ट्रेशन करवाकर टीका लगवाने की सुविधा दी गयी है। ये कैम्प सोमवार व मंगलवार को भी लगेंगे।
कोरोना से बचाव के लिए जागरूकता, सावधानी व सामाजिक दूरी के साथ-साथ टीकाकरण ही एकमात्र सुरक्षित उपाय है जिससे कोरोना संक्रमण की कम किया जा सकता है। टीका लगवाने को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में फैली भ्रांतियों को दूर करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ राधेश्याम केसरी ने कहा कि वैक्सीन एक सुरक्षा कवच है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर कोरोना से लड़ने की ताकत देती है।
वैक्सीन को लेकर फैली अफवाहों को नजरअंदाज करते हुए लोग जल्द से जल्द टीकाकरण कराएं। सीएमओ डॉ. केसरी ने कहा कि वैक्सीन लगवाने में देरी से कोरोना के प्रकोप से लंबे समय तक जूझना पड़ सकता है। इस संक्रामक रोग के लिए टीकाकरण बहुत जरूरी है।
सभी लोग अपने परिवार के साथ टीकाकरण जरूर कराएं। डिप्टी सीएमओ डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि कोरोना वैक्सीन की डोज सुरक्षा का एकमात्र विकल्प है। इसलिए इसमें देरी नहीं करनी चाहिए।