खरझार पहाड़ी नाले में आई बाढ़ से क्षेत्र के करीब 25 गांवों के लोगों में दहशत है। प्रशासन के खिलाफ मंगलवार को महराजगंज तराई-ललिया मार्ग पर क्षेत्रवासियों ने प्रदर्शन कर विरोध जताया। जिले में तीन दिनों से हो रही बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। राप्ती नदी की कटान से कई गांवों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। उधर, बजरडीह ललिया मार्ग पर पानी भरने से लोगों को आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं।
क्षेत्रवासी उमर, महेंद्र तिवारी, सतीश तिवारी व शिवकुमार आदि ने खरझार नाले में तीन दिनों से लगातार आई बाढ़ को लेकर प्रदर्शन करते हुए कहा कि प्रशासन की लापरवाही के चलते क्षेत्र के करीब 25 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
पहाड़ी नाले में कटान के चलते आसपास गांव के लोग परेशान हैं। क्षेत्र की सैकड़ों हेक्टेयर जमीन में लगी फसलें भी खरझार पहाड़ी नाले की बाढ़ से चौपट हो सकती हैं। इन लोगों ने आरोप लगाया कि डिप पर पुल के एप्रोच का निर्माण न होने से लोगों का आने-जाने बंद हो गया है। इलाज आदि के लिए लोग परेशान है।
मौके पर पहुंचे एसडीएम एसके त्रिपाठी ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर शांत कराया। ग्रामीणों के साथ एसडीएम व थानाध्यक्ष महराजगंज तराई संजय कुमार ने खरझार नाले के कटान स्थलों का निरीक्षण किया। एसडीएम ने बताया कि निरीक्षण रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सड़क व गलियों में कीचड़ व गंदगी के चलते लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
राप्ती नदी में बलरामपुर व उतरौला तहसील के करीब एक दर्जन से अधिक गांवों में तेजी से कटान शुरू हो गई है। राप्ती नदी की कटान से लोगों में दहशत व्याप्त है। ललिया संवाद सूत्र के अनुसार बजरडीह ललिया मार्ग पर हेंगहा पहाड़ी नाले का पानी बह रहा है। सड़क पर पानी बहने से आवागमन में लोगों को दिक्कत हो रही है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से बाढ़ पीड़ितों को मदद पहुंचाने की मांग की है।