विकासखंड झंझरी के अंतर्गत वर्ष 2012-13 में डॉ. राम मनोहर लोहिया योजना में चयनित समग्र ग्राम भगहर बुलंद का जिलाधिकारी अजय कुमार उपाध्याय ने गुरुवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम को यहां तमाम खामियां मिलीं। इस पर जिलाधिकारी ने फटकार लगाते हुए बीडीओ हरिश्चंद्र सिंह सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबन की चेतावनी दी है।
भगहर बुलंद गांव में जिलाधिकारी ने चौपाल लगाकर सबसे पहले विभागवार विकास कार्यक्रमों की समीक्षा की। इस दौरान पता चला कि समग्र ग्राम होने के बावजूद गांव में निर्मित एक भी शौचालय मानक के अनुरूप एवं पूर्ण नहीं हैं और यदि पूर्ण हैं भी तो ज्यादातर शौचालयों में दरवाजे नहीं लगे हैं।
गांव के अधिकतर शौचालय निष्प्रयोज्य एवं टूटे मिले। उक्त गांव में कुल 242 शौचालय निर्मित किए गए हैं, परंतु इनकी स्थिति व गुणवत्ता संतोषजनक नहीं मिली।
इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त कर खंड विकास अधिकारी को जमकर फटकार लगाते हुए निलंबन की चेतावनी दी और तीन दिन में सभी शौचालयों को मानक के अनुरूप दुरुस्त कराने के आदेश दिए।
पावर कॉर्पोरेशन की समीक्षा के दौरान एक्सईएन विद्युत द्वारा गांव में कुछ कार्य अपूर्ण बताया गया, जिस पर डीएम ने कड़ी फटकार लगाते हुए एक सप्ताह के भीतर पोल लगाकर सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
शुद्ध पेयजल की समीक्षा में ज्ञात हुआ कि गांव में चार इंडिया मार्का नल काफी दिनों से खराब पड़े हुए हैं। डीएम ने अधिशासी अभियंता जल निगम को चारों नलों को एक सप्ताह के भीतर रिबोर कराने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए डीएम ने प्रभारी चिकित्साधिकारी झंझरी से नियमित टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं की संख्या, गांव में अति कुपोषित एवं कुपोषित बच्चों की संख्या एवं उनके स्वास्थ्य सुधार के लिए किए गए उपायों की जानकारी ली।
उक्त गांव में मात्र तीन बच्चे अति कुपोषित श्रेणी में पाए गए, जिनमें से दो बच्चों को जिला चिकित्सालय में उपचार के लिए भर्ती करा दिया गया है।
चौपाल में गांव के कई लोगों ने जिलाधिकारी से राशनकार्ड, आवास, समाजवादी पेंशन सहित अन्य कई योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की।
इस पर डीएम ने वहीं पर उपस्थित संबंधित विभागीय अधिकारियों को मानक अनुरूप सर्वे कर पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए हैं।