गोंडा। आकांक्षी ब्लॉक रुपईडीह में सामुदायिक निवेश निधि घोटाले की जांच में अब दूसरे विभागों के कामकाज भी प्रभावित होने लगा है। ऐसे में जांच के लिए नामित किए गए अफसरों ने छूटे ग्राम संगठनों, स्वयं सहायता समूहों व संकुल संघों की जांच से इन्कार कर दिया है। ऐसे में जांच शुरू नहीं हो पाई है। पूर्व में घोटाले की पुष्टि के बावजूद भी कार्रवाई नहीं हो सकी है।
इसी वर्ष बीते 10 नवंबर को डीडीओ की अगुवाई में संयुक्त जांच कमेटी ने आकांक्षी ब्लॉक रुपईडीह में सामुदायिक निवेश निधि घोटाले में बंटरबांट की पुष्टि के बाद सीडीओ अंकिता जैन को रिपोर्ट सौंपी थी। सीडीओ ने जांच रिपोर्ट में पाया कि अधिकारियों की ओर से ब्लॉक के सभी ग्राम संगठन, संकुल संघ और स्वयं सहायता समूहों की जांच की गई है या नहीं? का उल्लेख नहीं किया गया।
ऐसे में 18 नवंबर को सीडीओ ने डीडीओ सुशील कुमार श्रीवास्तव को जांच के निर्देश दिए। छूटे ग्राम संगठन, स्वयं सहायता समूह और संकुल संघ की जांच करके 15 दिनों में रिपोर्ट तलब की थी। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में अफसर ने जांच करने से इन्कार कर दिया है। डीडीओ सुशील कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि विभागीय कार्यों की व्यस्तता की वजह से छूटे संकुल संघ, स्वयं सहायता समूह और ग्राम संगठनों की जांच कर पाना संभव नहीं है। इस बावत उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। निर्देशानुसार मामले में जरूरी कार्रवाई की जाएगी।