गोंडा। गांवों में बिजली आपूर्ति की बहाली की राह में पोल ही सबसे बड़ा रोड़ा बन गए हैं। इन्हीं पोल को लेकर अब बिजली विभाग के दो खंड आमने-सामने आ गए हैं। वितरण खंड पोल और उपकरण न मिलने को आपूर्ति बहाली में देरी की वजह बता रहा है, जबकि भंडार खंड का दावा है कि स्टोर में पर्याप्त पोल हैं लेकिन वितरण खंड उन्हें उठाने नहीं आ रहे। अफसरों के इन दावों के बीच करीब 125 गांवों के लोग अब भी बिजली संकट से जूझ रहे हैं।
भंडार खंड के अधिशासी अभियंता पीसी राम के अनुसार अयोध्या, बरेली, हमीरपुर और बहराइच से लगातार पोल मंगाए जा रहे हैं। जिले में एलओएच के तहत भी पोल उपलब्ध हैं। इन पोल को लोन पर लेकर संबंधित वितरण खंडों को उठाने के लिए कहा गया है। स्टोर में पोल मौजूद होने के बावजूद उन्हें उठाया नहीं जा रहा है। इसके बाद भंडार खंड पर ही पोल की कमी का आरोप लगाया जा रहा है।
पीसी राम के मुताबिक करनैलगंज के अधिशासी अभियंता रणवीर सिंह ने जिलाधिकारी के सामने पोल की आपूर्ति का मुद्दा उठाया है। जिलाधिकारी ने मामले में रिपोर्ट तलब की है। भंडार खंड का कहना है कि जरूरत के अनुसार लगातार पोल उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
वहीं, मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने बताया कि जरूरत के मुताबिक पोल न मिलने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। दूर-दराज से ठेकेदार ट्राला लेकर पोल लेने पहुंच रहे हैं लेकिन स्टोर में क्षमता से कम पोल दिए जाने की बात सामने आ रही है। इससे डीजल और भाड़े का खर्च बढ़ रहा है। लागत बढ़ने पर ठेकेदार ट्राला नहीं उठा रहे हैं। उन्होंने भंडार खंड को आपूर्ति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य अभियंता के अनुसार करीब 60 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल हो चुकी है। हाइड्रा और एजेंसियां एलटी व 11 केवी लाइनों की मरम्मत में जुटी हैं। इसके बावजूद करीब 125 से अधिक गांवों में बिजली बहाली अटकी है।