पंचायत चुनाव प्रशिक्षण से बिना सूचना के गायब रहने वाले 103 पीठासीन व प्रथम मतदान अधिकारियों से जवाब तलब किया गया है। चार अक्तूबर तक संतोषजनक जवाब न देने पर केस दर्ज करा दिया जाएगा। पहले दिन तीन सत्रों में होने वाले प्रशिक्षण के दौरान 46 पीठासीन अधिकारियों व 57 प्रथम मतदान अधिकारियों ने बिना सूचना के प्रशिक्षण में प्रतिभाग नहीं किया है।
जवाब समय से न देने पर इन लापरवाह कार्मिकों के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराया जाएगा।
गुरुवार को जिला निर्वाचन अधिकारी व डीएम प्रीति शुक्ला ने जिला पंचायत सभागार में पीठासीन अधिकारियों व प्रथम मतदान अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। उन्होने कहा कि पहले दिन तीन-तीन सत्रों में 1500 पीठासीन अधिकारियों व प्रथम मतदान अधिकारियों का एक साथ पंचायत चुनाव से संबंधित प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।
दो अक्तूबर को गांधी जयंती होने के कारण प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं होगा। इसी प्रकार से तीन व चार अक्तूबर को भी तीन-तीन सत्रों में 1500-1500 पीठासीन अधिकारियों व प्रथम मतदान अधिकारियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम चलेगा। पहले
दिन अंतिम सत्र का प्रशिक्षण खत्म होने के बाद डीएम ने परियोजना अर्थशास्त्री वीके श्रीवास्तव, जिला युवा कल्याण अधिकारी डीडी सिंह व एडीओ पंचायत सदर पवन कुमार श्रीवास्तव से गायब रहने वालों की सूची तलब की।
प्रथम सत्र में 14 पीठासीन अधिकारी व 24 प्रथम मतदान अधिकारी, दूसरे सत्र में 16 पीठासीन अधिकारी व 17 प्रथम मतदान अधिकारी और तीसरे सत्र में 16-16 पीठासीन अधिकारी व प्रथम मतदान अधिकारी बिना किसी सूचना के प्रशिक्षण से नदराद रहे।
डीएम ने चेतावनी दी है कि यदि बिना सूचना के प्रशिक्षण से गायब रहने वालों ने चार अक्तूबर तक संतोषजनक जवाब नहीं दिया तो संबंधित के खिलाफ लरोक प्रतिनिधित्व अधिकनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। छूटे हुए पीठासीन व प्रथम मतदान अधिकारी चार अक्तूबर को प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं।