गोंडा। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों में विभागों में बजट खपाने के लिए आपाधापी रही। रविवार को भी जिलास्तरीय विभिन्न कार्यालय खुले रहे। वित्तीय वर्ष में स्वीकृत बजट का आखिरी दो दिनों में भुगतान करने के लिए जद्दोजहद दिखाई पड़ी।
विकास भवन में पंचायती राज विभाग, समाज कल्याण विभाग, पिछड़ा वर्ग कल्याण सहित अन्य विभागों के दफ्तर में बजट को लेकर अफरा-तफरी देखने को मिली। स्वास्थ्य विभाग में स्थिति सामान्य रही। इक्का-दुक्का बिल का निस्तारण किया गया। स्वास्थ्य विभाग में पिछले दो महीनों से बजट को होल्ड कर दिया गया है। इसमें सिर्फ लाभार्थी भुगतान, वेतन व अति आवश्यक कार्यों के लिए ही बजट खर्च किया जा रहा है। जिसके कारण मार्च क्लोजिंग का खासा असर नहीं दिखाई पड़ा।
कृषि विभाग में जिला कृषि अधिकारी व डीडी कृषि के कार्यालय पर लिपिक व अकाउंट मैनेजर कार्य करते दिखाई पड़े। बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, डीआईओएस कार्यालय, जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय, खाद्य पूर्ति, विपणन, मंडी सहित अन्य सभी कार्यालयों में रविवार को भी काम काज होता रहा।